भोपाल: राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के नौ कर्मचारियों की पेंशन स्थाई रुप से रोक दी है। ये सभी सेवानिवृत्त हैं।
इनमें शामिल हैं: सहायक वर्ग एक डीएस सोनी एवं श्रीमती क्रिस्टीना मिंज, सहायक वर्ग दो कैलाश वर्मा एवं श्रीमती शिवकुमारी बग्गा, सहायक वर्ग तीन श्रीमती आशा जैन, श्रीमती सरसम्मा एवं राकेश दत्ता, भृत्य ऐजाज अहमद तथा रामलाल गुप्ता।
इन कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल में फर्जी मेडिकल पास किये थे। इनकी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से जांच कराई गई थी और भोपाल के एमपी नगर थाना में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। गत 16 सितम्बर 2022 को भोपाल न्यायालय ने इन सभी को अलग-अलग धाराओं में 3 से पांच वर्ष की सजा सुनाई थी। इनके गंभीर कदाचरण को देखते हुये राज्य सरकार ने इनकी पेंशन स्थाई रुप से रोक कर दण्डित किया है।
इधर जल संसाधन संभाग हरसी डबरा के सेवानिवृत्त सहायक ग्रेड 3 कर्मचारी लाखन सिंह राजपूत की पेंशन में से 5 प्रतिशत राशि दो वर्ष तक काटने से दण्डित किया गया है। उस पर आरोप था कि उसने अपने सेवाकाल में कैशबुक का संधारण नहीं किया, यात्रा भत्ता का अनियमित आहरण किया, अवकाश नकदीकरण के भुगतान में अनियमितता की तथा दोहरा भुगतान प्राप्त किया।