मप्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ती सियासी टकराहट के बीच दिल्ली में भाजपा हाईकमान फिर सक्रिय है। माना जा रहा है कि संसद सत्र के तत्काल बाद केंद्र में चुनावी नजरिये से किया जाने वाला फेरबदल सिरे चढ़ा दिया जायेगा, इसके बाद मप्र में कैबिनेट और संगठन में जरूरी नियुक्तियां व बदलाव होंगे। इस बीच मप्र के राज्यपाल मंगू भाई पटेल की 'औचक दिल्ली यात्रा' काफी गौरतलब हो गई है। सूत्रों का दावा है कि पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद परिसर में मुलाकात की।

यह मुलाकात पीएम के संसद में अभिभाषण पर जवाब से पहले हुई। वहीं गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ भी पटेल की अलग अलग चर्चा हुई है। इस मुलाकात के बाद कई तरह की चर्चा भी चल पड़ी हैं। राज्यपाल सर्विस फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि कहा जा रहा है कि केंद्रीय बजट में सिकिल सेल को लेकर बजट के प्रावधान के बाद राज्यपाल ने केंद्र के प्रति आभार प्रदर्शित करते हुए पत्र भी लिखा था। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया से भी इसे ही लेकर मुलाकात की है। 

मप्र के मसलों पर फैसला दिल्ली के बाद

सूत्रों का दावा है कि हाईकमान मप्र समेत कुछ बड़े राज्यों में अगले महीने तक चुनावी जमावट को आकार देना चाहता है। इसमें मप्र में कैबिनेट का विस्तार- फेरबदल काफी महत्वपूर्ण है। इसे लेकर हाईकमान ने मप्र के मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड भी देखे हैं और केंद्र में प्रभावी मप्र के तमाम नेताओं से भी फीडबैक लिया जा रहा है। इसके अलावा भाजपा हाईकमान के करीब चार दर्जन 'दूत' भी मप्र का दौरा कर रहे हैं जिनकी रिपोर्ट के आधार पर कुछ खास फैसले भी संभावित है। 

इधर जारी है अनुत्तरित सवालों की जंग

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से पूछा है कि कांग्रेस ने अपने वचनपत्र में कहा था कि मिट्टी व बीज परीक्षण की निशुल्क सुविधा देंगे। सिंचाई साधनों की अनुदान राशि बढाई जाएगी। आपने सवा साल कमीशन की सरकार चलाई। यह वादा पूरा क्यों नहीं किया। शिवराज ने कहा कि नाथ सरकार झूठ की बुनियाद पर खड़ी थी, अब फिर आसमान कतार तोड़कर लाने की बात कर रहे हैं।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस का कोई धनी धोरी प्रदेश क्या देश में ही नहीं है। उनके नेता कह रहे हैं कि अभी मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं है, जनता कह रही है कि कांग्रेस की सरकार नहीं आनी है। दूसरी ओर कमलनाथ ने कहा है- शिवराजजी, आप खुद ही घोषणा करते हैं, खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेते हैं और खुद ही उस घोषणा को कूड़े में फेंक देते हैं। आपकी निकास यात्रा में जनता इन घोषणाओं का हिसाब मांग रही है। कहीं काले झंडे दिखाए जा रहे हैं, कहीं किसान कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

नाथ ने पूछा है कि 'आपने घोषणा की थी कि 100 करोड रुपए के 'मध्य प्रदेश कृषि स्टार्टअप कोष' की स्थापना की जाएगी एवं कृषि उद्यमियों को इस कोष का इस्तेमाल कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक उद्यम लगाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। जनता को बताइए कहां है यह कोष और कहां है वह आमंत्रण ?