भोपाल: राज्य सरकार आंगनवाडिय़ों में पाये जाने वाले कुपोषित बच्चों को महुआ एवं आंवले से बने च्वयनप्राश को देने की तैयारी कर रही है। राज्य का महिला एवं बाल विकास विभाग यह योजना बना रहा है।

यह विभाग वन विभाग के अंतर्गत कार्यरत मप्र लघु वनोपज संघ से उसके द्वारा महुआ एवं आंवला से निर्मित च्वयनप्राश का क्रय करेगा तथा इनका वितरण आंगनवाडिय़ों में करेगा। यह च्वयनप्राश बच्चों के सुपोषण के लिये काफी सहायक पाया गया है।

इससे जहां कुपोषण से छुटकारा मिल सकेगा वहीं, लघु वनोपज संघ को अपने उत्पादों के विक्रय से भारी भरकम धन मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 84 हजार 465 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं 12 हजार 670 उप आंगनबाड़ी केन्द्र हैं।