लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का विवादों से गहरा नाता रहा है। वे इस बार मध्यप्रदेश की सियासी सुर्ख़ियों में हैं। नेहा सिंह राठौर ने 'बिहार में का बा' और 'यूपी में का बा' के बाद 'MP में का बा' जारी किया है। उनके इस गीत से मध्यप्रदेश की सियासत में बवाल मच गया है।
गीत में सिंगर नेहा सिंह राठौर ने सीधी पेशाब कांड, व्यापम घोटाला और महाकाल लोक में मूर्तियां टूटने और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर शिवराज सरकार पर कसा तंज है।
गीत को मध्यप्रदेश कांग्रेस @INCMP ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, इसके कैप्शन की भाषा भी खासी दिलचस्प है-
“मशहूर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की सुमधुर वाणी से मध्यप्रदेश के हालात सुनिये। घोटाला के भरमार बा, एकौ दूगौ नाही भैया सैकड़ों हज़ार बा, एमपी में का बा..! अवश्य सुनें और शेयर करें।”
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस गीत को शेयर किया है।
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नेहा सिंह के गीत को ट्वीट किया और लिखा है, मशहूर लोकगायिका नेहा सिंह राठौर की ज़ुबानी, मध्यप्रदेश की सच्ची कहानी।
दूसरी ओर अब इस नेहा सिंह राठौर पर लोकगीत की आड़ में कांग्रेस के समर्थन का आरोप भी सोशल मीडिया पर लग रहा कर है। कहा जा अहा है कि नेहा सिंह का ये गीत लोक कलाकार के टैलेंट से ज्यादा कांग्रेस का कैम्पेन सॉन्ग लग रहा है। क्रिएटिविटी के मामले में भी नेहा के पिछले गीतों से काफी कमजोर है।
वहीं ये भी कहा जा रहा है कि 'एमपी में का बा' गाना तो लांच हो गया लेकिन देखना होगा 'राजस्थान में का बा' गाना नेहा सिंह कब लांच करेंगी...!
हाल ही में नेहा सिंह ने सीधी पेशाब कांड को लेकर एक ट्वीट किया था। उन्होंने पोस्ट को मीम कनेक्टेड बताकर शेयर किया है।ट्विटर पर इस पोस्ट को लेकर भोपाल के हबीबगंज थाने, फिर इंदौर और छतरपुर में भी मामला दर्ज किया गया था। कहा यह भी जा रहा है कि इन FIR के विरोध में नेहा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।