अशोका गार्डन निवासी एक महिला के ब्रेन डेड होने के बाद उसके परिजनों ने तीन मरीजों को अंग दान करने का निर्णय लेकर मिसाल पेश की है। महिला को ब्रेन हेमरेज हो गया था। जिसे डॉक्टरों ने बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन जब वह नहीं बची तो पूरी जानकारी उसके परिजनों दी गई। जिस पर वे अंगदान करने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद मंगलवार सुबह से अंगदान की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो बुधवार दोपहर तक जारी रही। बंसल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 62 वर्षीय पुष्पलता जैन का लिवर बंसल अस्पताल में भर्ती एक को ट्रांसप्लांट किया गया। दूसरे मरीज किडनी ट्रांसप्लांट की गई। एक किडनी इंदौर के शेल्बी अस्पताल में भर्ती मरीज को दान की गई है। जबकि कार्निया हमीदिया अस्पताल को दान किया है।
परिजनों की जागरुकता बनी मिसाल
महिला पुष्पलता के परिजन काफी जागरुक हैं और उन्होंने मामूली समझाइश के बाद ही अंगदान करने का निर्णय ले लिया था। अस्पताल के डाक्टरों के मुताबिक अंगदान की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। सुबह करीब 11 बजे पुष्पलता जैन के पार्थिव शरीर उसके परिजनों को सम्मान के साथ दिया है। डाक्टरों के मुताबिक इंदौर भेजी गई किडनी के लिए ग्रीन कारिडोर की जरुरत नहीं पड़ी । डा. विद्यानंद ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया में पर्याप्त समय मिलता है, इसलिए भोपाल से इंदौर के बीच ग्रीन कारिडोर बनाने की जरूरत नहीं पड़ी थी।