भोपाल: राज्य सरकार ने कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों को पेंशन की गणना में राहत प्रदान की है। इसके लिये 44 साल पुराने मप्र कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारी पेंशन नियम 1979 में बदलाव किया गया है। बदलाव में कहा गया है कि किसी अस्थाई कर्मचारी के लिये, बिना किसी व्यवधान के, किसी नियमित पेंशन योग्य पद के उपबंधों पर 1 जनवरी 1974 से पूर्व की गई सेवा की पेंशन के लिये गणना यह मानते हुये की जायेगी, मानो कि ऐसी सेवा नियमित आधार पर की गई हो, बशर्ते कि ऐसी सेवा छह वर्ष से कम की न हो। यहीं, इस बदलाव को भूतलक्षी प्रभाव यानि 30 जनवरी 1996 से प्रभावशील किया गया है।

दरअसल अनेक कार्यभारित कर्मचारियों को शासन के नियमित सेवा के पदों पर संविलियन किया गया है तथा इसमें कार्यभारित सेवा अवधि को पेंशन के लिये गणना नहीं की जा रही थी। इसीलिये यह बदलाव किया गया है।