मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सूक्ष्म व लघु मध्यम उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिये राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया है। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों व संसाधनों के उपयोग पर बल दिया और कहा कि देश की जीडीपी में हमारा योगदान 4.8 प्रतिशत है और हमारे जीएसडीपी 15 लाख करोड़ पार कर गई है। आज 'आर्थिक विकास के शुभ संयोग- मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग' पर केंद्रित राज्य स्तरीय समिट की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि हमने आर्थिक प्रबंधन के बूते ही लाडली बहनों को भी सौगातें दे दी हैं। इस साल हम रिकार्ड पूंजी निवेश कर रहे हैं। शिवराज ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा कि मप्र को पहले बदहाली के लिए जाना जाता था।
सड़क तक नहीं ढूंढे मिलती थी। आज हालात बदल चुके हैं, हर तरफ सड़क का जाल है। अब हम एक्सप्रेस वे भी बना रहे हैं। इससे उद्योगों को पहिए मिलेंगे। मप्र ने लगातार दस साल से ज्यादा वक्त से कृषि विकास दर को मेंटेन कर रखा है। इंदौर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 15 लाख करोड़ से ज्यादा के प्रपोजल आये थे। यह जमीन पर भी उतर रहे हैं। मप्र में सभी बड़े उद्योग आ रहे हैं। यह टैक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग व ऑटोमोबाइल का हब बन रहा है। नर्मदापुरम रोड स्थित आमेर ग्रीन्स में समिट में एमएसएमई और विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा समेत अनेक उद्योग परिसंघ के पदाधिकारी, बड़े औद्योगिक घराने, नव उद्यमी, भारत सरकार और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।