सीधी पेशाब कांड के शिकार दशमत ने आरोपी प्रवेश शुक्ला के प्रति नरमी दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रवेश ने जो गलती की, उसकी सजा उन्हें मिल गयी है। दशमत ने दरिया दिली दिखाते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि प्रवेश शुक्ला गांव के पंडित हैं, अब उन्हें छोड़ दीजिए। उन्होंने सरकार से सड़क बनाने की भी मांग की है। दशमत ने यह मांग 7 जुलाई को सरकार के सामने रखी थी, जब कई नेता और अधिकारी उनसे मिलने उनके घर गए थे। आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने उनका हौसला बढ़ाया।
इस बीच दशमत ने उस शपथ पत्र पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें अंधेरे में रखकर कागज पर हस्ताक्षर करा लिये थे। वे शिक्षित नहीं हैं, उन्हें नहीं पता था कि यह शपथ पत्र है। बता दें, प्रत्यक्ष पेशाब के शिकार दशमत से हर कोई सहानुभूति जता रहा है। उनके अपने गांव पहुंचने के बाद लोगों का उनसे मिलने का सिलसिला जारी है। 7 जुलाई को भी सुबह से शाम तक तमाम नेता और ग्रामीण से लेकर प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण दशमत का हाल जानने पहुंचे।
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रुतल ने विधायक शरद कौल के साथ दशमत से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशमत के पैर धोकर उन्हें अलग सम्मान देने की कोशिश की है। हम सभी को उन पर गर्व है।' सरकार और भाजपा दोनों दशमत के साथ हैं।
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने भी दशमत से मुलाकात की और उन्हें गंगा जल से शुद्ध किया। इसके बाद उन्हें शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस बीच दशमत ने मीडिया से कहा कि प्रवेश शुक्ला का पेशाब करते हुए यह वीडियो पुराना है। यह अब वायरल हो गया है।