भोपाल: राज्य के वन विभाग के पसीसीएफ वाईल्ड लाईफ जसबीर सिंह चौहान ने वनों में अनुसंधान हेतु वन्यप्राणियों के सेम्पल लेने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। अब जिस संस्थान को अध्ययन या अनुसंधान हेतु वन्यप्राणियों के सेम्पल यानि जीवित या मृत वन्यप्राणी के अंग, अवयव, ऊतक, बाल, रक्त आदि के सेम्पल लेने हैं तो इसके लिये एक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा। यह प्रपत्र वन विभाग ने अपनी वेबसाईट पर अपलोड कर दिया है। इस प्रपत्र में शोधकत्र्ता को अपना पता, ईमेल व फोन नंबर, फोटो, अपने संस्थान का नाम एवं उसकी अनुमति भी देना होगी।

उल्लेखनीय है कि वन्यप्राणी अधिनियम 1972 के तहत अनुसूची एक में दर्ज वन्यप्राणियों के सेम्पल लेने की अनुमति केंद्र सरकार तथा अन्य अनुसूची में दर्ज वन्यप्राणियों के सेम्पल लेने की अनुमति राज्य सरकार देती है। यदि वनों में वन्यप्राणियों के बायोलाजिकल सेम्पल लिये बिना अध्ययन किया जाना है तो इसकी अनुमति राज्य के पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ देंगे।