क्या आप सोच सकते हैं, कि किसी व्यक्ति की सरकार और व्यवस्थाओं को लेकर नाराज़गी इतनी बढ़ जाए कि वो अपने कलेजे के टुकड़े की जान की परवाह किए बिना ही उसे किसी जोखिम में डाल दे। जबकि उसके सारे प्रयास उसकी सारी कोशिशें अपने बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए हों। ये बात इतनी आसानी से तो आपके गले न उतरेगी।

लेकिन वाकई में ऐसा ही हुआ है, दरअसल सागर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कृषक ब्याज माफी योजना-2023' का शुभारंभ करने पहुंचे थे। यहां जब CM शिवराज सम्बोधन दे रहे थे तभी मुकेश नाम के एक व्यक्ति ने अपने एक साल के बच्चे को सीएम के मंच की ओर फेंक दिया। 

इसके बाद वहां उपस्थित लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जब उस बच्चे की मां ने ये दृश्य देखा तो वो तुरंत वहां पहुंची और बच्चे को उठाकर अपने सीने से लगा लिया और रोने लगी।

बच्चे की मां नेहा पटेल ने बताया कि ये मासूम उसका बेटा नरेश है। जब वो 3 महीने का था तब परिवार को बच्चे की बीमारी के बारे में पता चला था। महिला ने बताया कि नरेश के दिल में छेद है और वह उसका इलाज कराना चाहती है ताकि वह जल्दी स्वस्थ हो जाए। लेकिन वह अपने बच्चे का इलाज करा पाने में असमर्थ है। 

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कई बार सरकार से गुहार लगाने पर भी जब भी जब नेहा और उसके पति को बच्चे के इलाज के लिए कोई मदद नहीं मिली तब बच्चे के पिता ने सीएम की सभा में आकर सबका ध्यान इस ओर लाने के लिए अपने बच्चे को फेंका था।

मुकेश सीएम तक अपना आवेदन पहुंचाना चाहता था। उसकी बात सीएम तक पहुंच सके वह इसके लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन अपनी बात बनती न देख उसने ये जोखिम भरा कदम उठाया।

घटना के समय मंच पर मौजूद सीएम शिवराज ने तत्काल अपने अधिकारियों को महिला की बात सुनने के निर्देश दिए इसके बाद अधिकारियों ने महिला को अंदर बुलाया उसकी सारी समस्या सुनी और अगले दिन आने के लिए कहा है। 

जैसी उम्मीद थी CM तक बात पहुँचने के बाद बच्चे को इलाज़ के लिए सागर से भोपाल भेजा गया है लेकिन इस तरह का घतक कदम उठाया जाना कहां तक सही है, ये सोचने की बात है।