इंदौर में प्रिंसीपल को जिंदा जलाने के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। खबर ये है, कि कोई भी वकील आरोपी आशुतोष श्रीवास्तव का केस नहीं लड़ेगा। स्टेट बार काउंसिल ने इस बात का फैसला लिया है कि कोई भी वकील आरोपी की पैरवी नहीं करेगा।

इधर आरोपी आशुतोष शर्मा पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। उन पर धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं। आरोपी के लिए फांसी की सज़ा की मांग की जा रही है, ताकि इस तरह का कृत्य करने वालों को संदेश दिया जा सके, जिससे समाज में कोई भी इस तरह का कदम उठाने से डरें। 

कहा जा रहा रहा है कि पहले भी इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की गई थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मामले में कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है। मामले से जुड़े दो TIको भी लाइन अटैच कर दिया गया है।

आपको बता दें, कि इंदौर के बीएम. कालेज आफ फार्मेसी में एक छात्र द्वारा पेट्रोल डालकर जला दी गईं प्रिंसिपल प्रो विमुक्ता शर्मा ज़िंदगी से जंग हार गई थीं। शनिवार सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली थी। पांच दिन तक जिंदगी के लिए जंग लड़ने के बाद चोइथराम अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया था।