भोपाल: रीवा एयरपोर्ट को भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण-एएआई को सौंपने हेतु एमओयू की मंजूरी हेतु प्रस्ताव केबिनेट में लाया जायेगा। रीवा एयरपोर्ट के विस्तार हेतु राज्य शासन अतिरिक्त भूमि पहले से ही स्वीकृत कर चुका है। इस एयरपोर्ट को 99 साल की लीज पर के विस्तार के मामले में एएआई और राज्य के विमानन विभाग में एमओयू होना है तथा एमओयू का ड्राफ्ट राज्य सरकार के पास आ गया है तथा अब इसे केबिनेट से मंजूर कराया जायेगा और उसके बाद एमओयू सम्पन्न किया जायेगा।
यह भी आ रही दिक्कत :
दरअसल रीवा एयरपोर्ट पर एक निजी कंपनी फाल्कन को राज्य शासन ने प्रशिक्षण हेतु अपनी गतिविधियां चलाने की अनुमति दी हुई है। राज्य सरकार ने एएआई से कहा था कि वह यह प्रशिक्षण गतिविधि जारी रखे परन्तु एएआई इसके लिये तैयार नहीं हुआ जिस पर उक्त कंपनी कोर्ट में जाकर रीवा एयरपोर्ट पर एएआई को कोई गतिविधि न करने का आदेश ले आई।
अब एएआई इस कंपनी को सतना हवाई अड्डे पर अपनी प्रशिक्षण गतिविधि चलाने के लिये सहमत कर रही है तथा कंपनी भी सहमत हो गई है लेकिन अभी दोनों ने अपने समझौते की जानकारी कोर्ट में नहीं दी है। कंपनी ने विकल्प के रुप में उज्जैन हवाई अड्डे पर प्रशिक्षण गतिविधि चलाने के लिये मांग की थी परन्तु उज्जैन में हवाई पट्टी का किराया अधिक होने से वह पीछे हट गई थी। अब एएआई ने अपने स्वामिव वाली सतना हवाई पट्टी पर प्रशिक्षण गतिविधि चलाने में सहमति दे दी है तथा इसका किराया रीवा एयरपोर्ट की तरह ही रखा है।
दतिया हवाई पट्टी को संचालन हेतु एएआई को सौंपा जायेगा :
इधर दतिया की हवाई पट्टी को एएआई को सौंपने का प्रस्ताव भी केबिनेट में लाया जायेगा। दतिया हवाई पट्टी को एएआई के स्वामित्व में न देकर उसे इसका संचालन दिया जायेगा जिससे वह इस हवाई पट्टी का उपयोग रीजनल एयर कनेक्टिविटी योजना के तहत कर सके यानि इस हवाई पट्टी से यात्रियों के लिये छोटे विमानों की उड़ान का संचालन कर सके।