राज्य की शिवराज सरकार 'अपने भीतर' तालमेल, सौहार्द व समझ में इजाफे के लिये भोजनीति को भी आजमाने वाली है। आज शाम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सरकारी आवास पर सभी मंत्री अपने घर से बना भोजन का डिब्बा लेकर पहुंचने वाले हैं, वे कैबिनेट बैठक के बाद साथ में बैठकर भोजन करेंगे। इस मौके पर शिवराज अपने सभी मंत्रियों को खास हिदायतें व चुनावी मंत्र भी देने वाले हैं। हाल में भाजपा की लंबी बैठकों में कुछ ऐसे विषय व शिकायतें सामने आई है। जिसके चलते टिफिन बैठक बुलाई गई है। पिछले दिनों कुछ भाजपा नेताओं ने अपने इलाके में कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह टिफिन भोज किया था।
पहली बार साथ पहुंच रहे सिंधिया - शिवराज
इससे पहले वे आज केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस दिग्गज दिग्विजय सिंह के 'इलाके' में पहुंच रहे हैं। इसका सियासी मकदस भी साफ नजर आ रहा है। भाजपा इस वक्त पूरे प्रदेश के दौरे कर रहे दिग्विजय व उनके विधायक पुत्र जयवर्धन को इसी इलाके में 'सीमित' करने का प्रयास कर रही है। दिग्विजय पूरे प्रदेश में दौरा कर रहे हैं। वह उन सीटों पर फोकस कर रहे हैं, जहां कांग्रेस लंबे समय से चुनाव नहीं जीती है। वहीं जयवर्धन ग्वालियर चम्बल संभाग पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
लिहाजा माना जा रहा है कि सियासी जरूरतों के चलते पहली बार शिवराज और सिंधिया एक साथ दिग्विजय के गढ़ में पहुंचे हैं। शिवराज करीब 5 साल बाद यहां आये हैं। जाहिर तौर पर तो दोनों नेता यहां हजरतपुर में लाडली बहना सम्मेलन में भाग लेंगे व 134 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे, लेकिन इसके जरिये भाजपा को सक्रिय करने व कई समीकरण साधने का प्रयास भी होगा।