सीधी मूत्र कांड पीड़ित का प्रदेश के नेताओं ने अपनी राजनीति चमका ने के लिए मज़ाक़ बनाकर रख दिया है। हाल ही में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशमत के पैर धोकर उनसे माफी मांगी थी। पैर धोकर दशमत को सुदामा बना दिया।
दशमत के गांव पहुंचने पर कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष ने गंगाजल छिड़ककर दशमत का शुद्धिकरण किया। सीएम शिवराज सिंह से मिलने के बाद पेशाब कांड का पीड़ित जब घर पहुंचा तो कुछ ही देर बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह पीड़ित के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने पीड़ित पर गंगाजल छिड़कर उसका शुद्धिकरण किया और तौलिए से उसका मुंह पौंछा।
पीड़ित का शुद्धिकरण करने के बाद जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने सीएम शिवराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम शिवराज ने भोपाल में पीड़ित के पांव धोए थे, ना की चहेरा। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने पीड़ित को सहायता और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।
किसी ने पैर धोये तो किसी ने गंगाजल छिड़क कर पवित्र किया, गरीब पीड़ित हाथ जोड़कर बेबस है जिसकी जो मर्ज़ी कर रहा है।
अब पीड़ित दशमत के साथ हो रहे इस तरह के व्यवहार को लेकर लोगों में काफी नाराज़गी है। सोशल मीडिया पर अब इसे लेकर सवाल अठाए जा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है, कि अब दशमत को बख्श दीजिए। तो वहीं दशमत के साथ किए गए व्यवहार को पूरी तरह से ग़लत और नौटंकी तक बता रहे हैं।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिसमें एक शख्स सीढ़ियों पर बैठे दूसरे शख्स पर पेशाब करता नजर आ रहा है। वीडियो में कथित तौर पर आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाला शख्स बीजेपी नेता प्रवेश शुक्ला है। प्रवेश शुक्ला को लेकर देशभर के लोगों में काफी गुस्सा है।