रविवार को तेज आंधी के कारण उज्जैन में निर्मित महाकाल लोक की मूर्तियों के गिरकर टूटने के बाद प्रदेश सरकार को निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। अब भ्रष्टाचार के इन आरोपों को नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने सिरे से नकार दिया है।

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि उज्जैन के महाकाल लोक में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, यहाँ पूरा काम गुणवत्ता से हुआ है। उन्होंने बताया कि मूर्तियाँ एफआरपी से बनीं हैं कांटैक्ट में यही तय किया गया था। हवा की तेज रफ़्तार के कारण सिर्फ़ छह मूर्तियों को नुक़सान हुआ है।

रविवार शाम 4 बजे तेज़ हवा पानी से बड़ी मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। घटना के बाद आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था। निर्माण के बाद पहली ही बारिश में हवा और बारिश से मूर्तियों के टूट जाने से सरकार की किरकिरी हो रही थी। कांग्रेस ने भी महाकाल लोक के निर्माण में करोड़ों का भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को ‘महाकाल लोक’ का लोकार्पण किया था। महाकाल लोक निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।