भोपाल: प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्षों एवं पूर्व विधायकों को प्रोटोकॉल की सुविधा मिले। इसके लिये विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने अपनी सिफारिश स्पीकर गिरीश गौतम को सौंप दी है। स्पीकर ने इस सिफारिश के क्रियान्वयन के लिये सीएम को पत्र लिखा है।

भाजपा विधायक शैलेन्द्र जैन के सभापतित्व वाली सदस्य सुविधा समिति ने यह सिफारिश स्पीकर से की है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने पूर्व विधानसभा अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री की तरह सुविधायें एवं प्रोटोकॉल दिया है तथा मप्र में भी यह सुविधा दी जाये। वर्तमान में दो विधायक भाजपा के सीतासरन शर्मा एवं कांग्रेस के एनपी प्रजापति पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हैं परन्तु उन्हें छत्तीसगढ़ की तरह कोई सुविधा नहीं मिली है।

इसी प्रकार, समिति ने पूर्व विधायकों को भी प्रोटोकॉल की सुविधा देने की सिफारिश की है। अभी पूर्व विधायकों को किसी सरकारी कार्यक्रम में आसन देने में कोई तवज्जो नहीं दी जाती है और न ही उनकी पूछपरख की जाती है। जबकि पूर्व मुख्य सचिव को प्रोटोकॉल की सुविधा दी जाती है।

समिति ने साथ ही वर्तमान विधायकों को नगर निगम के मेयर के ऊपर विधायक को रखने की सिफारिश भी की है क्योंकि मेयर एक स्थानीय निकाय का पदाधिकारी होता है जबकि विधायक राज्य की सर्वोच्च संस्था विधायिनी का सदस्य होता है। वर्तमान में विधायक को प्रोटोकॉल की सूची में मेयर के नीचे रखा गया है।