राज्य सरकार ने पालपुर कूनो में बसे चीतों को अन्यत्र शिफ्ट करने के लिये केंद्र सरकार से करीब 47 करोड़ रुपये मांग लिये हैं। इनमें गांधी सागर अभयारण्य हेतु 6 करोड़ 85 लाख रुपये एवं नौरादेही अभयारण्य हेतु 40 करोड़ रुपये मांगे गये हैं।
उल्लेखनीय है कि चीता प्रोजेक्ट पूर्णतया केंद्र सरकार का ही है। कूनो में विदेश से चीते लाने के समय ही विशेषज्ञों ने बता दिया था कि इनकी जीवितता का प्रतिशत 50 रहता है यानि पचास प्रतिशत चीते रहवास के दौरान मर जाते हैं।
कूनो में चीतों की मौत का सिलसिला शुरु हो गया है। इसीलिये अब वहां वर्तमान में जीवित चीतों में से कुछ को पहले गांधी सागर एवं बाद में नौरादेही में बसाया जाना है। गांधी सागर में चीतों को बसाने के लिये फेंसिंग का काम जारी है जो राज्य का वन विभाग अपने बजट से कर रहा है तथा उसे फेंसिंग हेतु आगामी नवम्बर माह तक का समय दिया गया है।
चूंकि यह कार्य तीव्र गति से किया जाना है और इसके लिये पर्याप्त धनराशि की भी जरुरत है, इसलिये केंद्रीय वन विभाग को करीब 47 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।