टीटी नगर थाना क्षेत्र में प्रापर्टी डीलर को झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए उससे पांच लाख रुपए और एक प्लाट लेने का मामला सामने आया है। दरअसल, मामले का खुलासा उस समय हुआ जब महिला ने उन्हें फंसाने के बाद रातीबड़ में भी एक प्रॉपर्टी डीलर पर उसने बलात्कार का झूठा प्रकरण दर्ज करा दिया। प्रॉपर्टी डीलर ने घटना की शिकायत टीटी नगर पुलिस थाने में की थी। पुलिस ने जांच के बाद महिला समेत तीन आरोपियों पर अड़ीबाजी षडयंत्र रचने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

एएसआई अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि ओम सिंह भदौरिया (51) न्यू एमएलए क्वार्टर में रहते हैं। वे प्रॉपर्टी डीलर है और उनका ओम प्रॉपर्टी नाम से कारोबार है। 30 साल की वर्षा गोस्वामी उनके दफ्तर मे रिसेप्शनिष्ट का काम करती थी। गत 6 जून को वर्षा टीटी नगर थाने पहुंची और उसने ओम भदोरिया के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की। पुलिस ने ओम भदोरिया को भी थाने लाकर बैठा लिया था। घटना की जानकारी जब ओम के भाई और दोस्त को मिली तो वह टीटी नगर थाने पहुंचे।

 इस दौरान उन्होंने वर्षा गोस्वामी से गुजारिश करते हुए कहा कि ओम को झूठे केस में क्यों फंसा रही हो तो वर्षां ने थाने के बाहर चलकर बात करने की बात कही थी। वह थाने के बाहर पहुंची और ओम के भाई और दोस्त से डील की। उसे कहा कि यदि पचास लाख रुपए और एक प्लाट की व्यवस्था कर देंगे तो वह शिकायत दर्ज नहीं कराई। ओम के भाई ने उसे तत्काल पांच लाख रुपए और एक प्लाट देने की बात कही थी। वह थाने के सामने उसे पांच लाख रुपए देकर भी गया और वर्षा ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया।

रातीबड़ में दूसरे प्रॉपर्टी डीलर पर बलात्कार की शिकायत

वर्षा गोस्वामी ने रातीबड़ पुलिस थाने में अमित सिंह नामक प्रॉपर्टी डीलर पर बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि बुधवार 5 जुलाई को अमित ने उसे प्रॉपर्टी डील होने की बात कहकर प्लॉट की रजिस्ट्री करने बुलाया था और गांव गोरा में अपने फार्म हाउस पर उससे दुष्कर्म किया। मामला महिला संबंधी अपराध से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया था। 

इधर ओम सिंह ठाकुर को जब पता चला कि वर्षा गोस्वामी ने अपने साथी प्रहलाद और गोपाल सिंह के साथ मिलकर अमित सिंह को झूठे केस में फंसा दिया है तो ओम सिंह ने टीटी नगर पुलिस को शिकायती आवेदन दिया था ओम सिंह ने बताया था कि 6 जून को उसके भाई ने वर्षा गोस्वामी और उसके साथ आए प्रहलाद समेत गोपाल सिंह को पांच लाख रुपए दिए थे। इसके अलावा एक प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कही थी। वर्षा उन पर उक्त प्लॉट की रजिस्ट्री कराने का दबाव बना रही है। वह धमकी दे रही है कि यदि रजिस्ट्री नही कराई तो इस बार वह एफआईआर दर्ज करा देगी। पुलिस ने प्रकरण की जांच की और आरोपी वर्षा, प्रहलाद समेत गोपाल सिंह पर मामला दर्ज कर लिया।