भोपाल: प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित बगदरा अभयारण्य के 86 हैक्टेयर वन क्षेत्र में भूमिगत पाइप लाईन एवं पानी की टंकिया बनेंगी। इसकी राज्य शासन ने अनुमति दे दी है।

बगदरा अभयारण्य के अंतर्गत बैढऩ-2 ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना हेतु मार्ग के किनारे-किनारे राइट-ऑफ-वे एवं 6.29 किमी पगडंडी की लम्बाई में भूमिगत पाइप लाइन तथा 26 उच्च स्तरीय पानी की टंकी बनाये जाने हेतु 86.524 हेक्टेयर अभयारण्य भूमि महाप्रबंधक मप्र जल निगम मर्यादित सिंगरौली को उपयोग पर देने की वन्यप्राणी अनुमति चाही गई थी। इसके लिये क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व सीधी ने सहमति दी थी और मामला उच्च स्तर पर पहुंचा था। प्रस्तावानुसार 26 ग्रामों में उच्चस्तरीय पानी की 26 टंकियां निर्माण की जानी है। प्रस्तावानुसार उक्त योजना के अंतर्गत 59 वृक्ष प्रभावित होना हैं। इस परियोजना की कुल लागत रूपये 4200 लाख रुपये है। इसे राज्य शासन ने कतिपया शर्तों के साथ स्वीकृत कर दिया है।

ये रहेंगी शर्तें :

भूमिगत पाइप लाइन डाले जाने हेतु ट्रंच की चौड़ाई 1 मीटर एवं गहराई 2 मीटर से अधिक नहीं होगी। वन एवं वन्यप्राणियों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा। नियमानुसार नेट प्रेजेन्ट वैल्यु एवं अन्य शुल्क देय होगा। निर्माण सामग्री संरक्षित क्षेत्र के बाहर से लायी जावेगी। यदि ट्रंच खुदाई के दौरान वन सम्पदा/पर्यावरण का नुकसान हो रहा हो तो इसकी पूर्ति करने का दायित्व आवेदक विभाग / संस्था का होगा।

प्रस्तावित 59 वृक्षों के अतिरिक्त अन्य कोई भी वृक्ष नहीं काटा जावे तथा उनकी जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया जावेगा। प्रस्ताव में प्रस्तावित अधोसंरचनाओं के अतिरिक्त अन्य किसी अधोसंरचना के निर्माण की अनुमति नहीं होगी। आवेदक विभाग द्वारा 500 मीटर ट्रेंच खुदाई कर भूमिगत पाइप लाइन बिछाये जाने के पश्चात उक्त ट्रंच को भरकर / समतलीकरण करने के उपरांत ही अगली 500 मीटर ट्रेंच की खुदाई की जावेगी। 

आवेदक संस्था को अभयारण्य के प्रभावित वनक्षेत्र में प्रत्येक 2 किमी में क्षेत्र संचालक द्वारा मार्ग से कम से कम 100 मीटर दूर चयनित स्थलों पर, वन्यप्राणियों के लिए पेयजल हेतु एक नल कनेक्शन नि:शुल्क प्रदाय करना होगा। प्रकरण में आवेदक संस्था द्वारा संरक्षित क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना लागत की 5 प्रतिशत की राशि मप्र टाइगर फाउंडेशन सोसायटी में जमा करायी जावेगी।  अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड के पास जायेगा।