सावन का महीना शुरु हो चुका है। सावन के पवित्र महीने में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचते हैं। अगर आप भी इस बार के सावन में बाबा महाकाल के दर्शनों का प्लान बना रहे हैं, तो इससे पहले आप भी बाबा महाकाल की दिनचर्या में होने वाले परिवर्तनों के विषय में जान लें।
जी हां सावन के महीने में भगवान महाकाल की पूरी दिनचर्या बदल जाती है। इस साल भगवान महाकाल की 10 सवारियां निकलेंगी। सावन और भादों के महीने, में भगवान महाकाल विभिन्न रूपों में दर्शन देंगे।
महाकाल की आरती का नया समय
महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास में भगवान महाकाल के दरबार में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। मंगलवार से श्रावण मास शुरू हो रहा है। इस बार श्रावण मास बहुत बड़ा है, जिसके कारण शिव भक्तों काफी उत्साहित हैं। प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे भस्म आरती होती है। लेकिन सावन माह में सोमवार को छोड़कर बाकी सभी दिन भस्म आरती सुबह 3 बजे से शुरू होगी। खास बात यह है कि भगवान महाकाल की भस्म आरती सोमवार सुबह 2.30 बजे शुरू होगी। इसके बाद पूरे दिन भगवान महाकाल को जल और फूल चढ़ाए जाते हैं। देश भर से शिवभक्त भगवान महाकाल के दर्शन के लिए ज्योतिर्लिंग पहुंचते हैं। इस बार सावन में महाकाल लोक बन जाने के कारण अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
सोमवार को महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी के मुताबिक हर साल की तरह इस बार भी भगवान महाकाल सावन और भादो माह में नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस बीच वह सभी की स्थिति भी जानेंगे। इस तरह की अनोखी परंपरा केवल प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में ही होती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान महाकाल के दरबार तक न तो भक्त पहुंच सकते हैं और न ही जानवर। उनका हाल जानने के लिए भगवान महाकाल स्वयं नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस बार सावन और भादो माह में भगवान महाकाल की 10 सवारियां निकलेंगी, जिसमें भक्त भगवान महाकाल के अलग-अलग रूपों में दर्शन करेंगे।