मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार 12 जुलाई को कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। विधानसभा भवन में आयोजित बैठक में शिवराज मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सम्मिलित हुए। बैठक में हुए अहम फैसलों के विषय में प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी साझा की है।
मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कैबिनेट ने जिला पंचायत व जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, पंच एवं उपसरपंचों के मानदेय और वाहन भत्ता को बढ़ाने एवं इस हेतु अतिरिक्त वित्तीय भार को अतिरिक्त रुप से उपलब्ध करवाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। साथ ही ग्राम रोजगार सहायक के मानदेय में वृद्धि पर अतिरिक्त व्यय राशि 274.95 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
केबिनेट ने अब दो करोड़ से कम शुल्क राशि संग्रहण वाले टोल प्लाजा पर महिला स्वसहायता समूह द्वारा शुल्क राशि वसूलने को भी मंज़ूरी दी। इस ऐतिहासिक निर्णय के साथ ही मध्यप्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐसा अभिनव नवाचार करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आज म.प्र. कैबिनेट ने खालवा (खंडवा), फंदा (भोपाल), बाणसागर (शहडोल), बडौदा (श्योपुर), मंडवा (सीधी), बेटमा (इंदौर), हनुमना (रीवा), कोठी (सतना) एवं हट्टा (बालाघाट) में नवीन महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया।
प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने और उन्हें दक्ष बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश क्षमता निर्माण नीति 2023 का कैबिनेट द्वारा अनुमोदन किया गया है। नवीन नीति में भारत सरकार द्वारा शासकीय सेवकों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित मिशन कर्मयोगी की अवधारणा एवं विशेषताओं को सम्मिलित किया गया है।
मध्यप्रदेश में नवीन समरसता छात्रावास योजना के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग के भवन विहीन छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में निर्माण पर ₹370.24 करोड़ का व्यय किया जाएगा।