राज्य की राजधानी की बार-बार उपेक्षा से निराश, भोपालियों के एक समूह ने शहर को ब्रांड बनाने के लिए हाथ मिलाया है। शहर में होने वाले इवेंट को बढ़ावा देने और अखिल भारतीय स्तर पर लाने के लिए प्रशासन और सरकार को नींद ये जगा दिया है। समूह ने इसके लिए एक अभियान #लेट्सब्रांडभोपाल शुरू किया है।
एक निजी फर्म में कार्यरत स्पर्श द्विवेदी का मानना है कि भोपाल की कई बार उपेक्षा की गई है।
स्पर्श का कहना है, कि “यह मेरा शहर है और मैं चाहता हूं कि मेरे शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। समान विचारधारा वाले लोग यह दावा करने के लिए एक साथ आए हैं कि भोपाल की अनूठी स्थलाकृति और भौगोलिक स्थिति इसे उद्योग, पर्यटन और अन्य चीजों के लिए सबसे अच्छा स्थान बनाती है। इस अभियान से जुड़े लोग अपनी जेब से इस अभियान को फाइनेंस कर रहे हैं।”
सामाजिक कार्यकर्ता मीता वाधवा भी इस अभियान का हिस्सा हैं। मीता ने महसूस किया कि भोपाल को एक ब्रांड के रूप में बाजार में लाने के बारे में कभी नहीं सोचा गया था।
मीता ने कहा, “जयपुर या लखनऊ जैसी राजधानियों को देखें। उन्होंने अपना रुतबा इसलिए बना लिया है क्योंकि वहां सरकार नियमित रूप से बड़े-बड़े आयोजन करती रहती है। भोपाल में भी ऐसा ही किया जाना चाहिए।”
समूह ने अपने साथ अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ने के लिए 'आई लव भोपाल' अभियान भी शुरू किया है।
समूह की एक अन्य सदस्य, एक निजी बैंक की कर्मचारी दीपा एस ने कहा, “हमने 'आई लव भोपाल' लोगो के साथ विशिष्ट टी-शर्ट बनवाई है और उन्हें लोगों को मुफ्त में वितरित किया गया है।”
यह पूछे जाने पर कि भोपाल को ब्रांड बनाने की जरूरत क्यों पड़ी, स्पर्श ने कहा, 'ऐसा देखा गया है कि पहले भी कई बार इंदौर में महत्वपूर्ण कार्यक्रम होते रहे हैं, जो आसानी से भोपाल में हो सकते थे। इससे शहर की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।”
अभियान को व्यापारी समुदाय और समाज के अन्य तबकों से भी समर्थन मिला है। अजय देवनानी, प्रवक्ता (भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने अभियान का समर्थन किया है। इसी तरह मंडीदीप इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के राजीव अग्रवाल और अन्य ने भी इस अभियान को अपना सपोर्ट दिया है।
बिजनेसमेन आशीष मिश्रा ने कहा, “कम से कम किसी ने सोचा है कि भोपाल को ब्रांड बनाया जाए। मुझे लगता है कि भोपाल के हर नागरिक को इसका समर्थन करना चाहिए।”