मध्यप्रदेश के बैतूल में हुई एक अनोखी शादी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। एक कपल ने पवित्र अग्नि को नहीं बल्कि संविधान को साक्षी मानकर अपना विवाह रचाया। कपल ने ऐसा किये जाने का कारण जातिगत बंधनों को खत्म करना बताया है।
शादी के दौरान दोनों ने वरमाला से पहले संविधान के उद्देशिका का वाचन किया और फिर एक दूसरे को वरमाला पहनाई। कपल का कहना है कि इस विवाह के जरिए समाज के हर तबके के युवा को उनका अधिकार बताने का काम किया है।
संविधान को साक्षी मान शादी रचाने वाले दूल्हे दर्शन बुंदेला पेशे से वकील है जबकि उनकी दुल्हन सरकारी स्कूल में टीचर हैं। दोनो लोग बचपन से एक दूसरे को जानते हैं और अच्छे दोस्त है। शादी के बाद उन्होंने बताया कि संविधान में गहरी आस्था होने की वजह से उन्होंने ऐसी शादी रचाई।
दर्शन बुंदेला और उनकी दुल्हन बचपन से ही जातिवाद के विरोधी हैं। जिसके चलते दोनों ने संविधान को साक्षी मानकर विवाह रचाया। करीब तीन साल पहले बैतूल जिले में डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने भी भारत के संविधान को साक्षी मानकर विवाह किया था।