भोपाल,
शासन द्वारा वर्ष 2001 के बाद समस्त संवर्ग में होने वाली नवीन नियुक्ति में तीन संतान होने वाले आवेदकों को पात्र नहीं मानने का आदेश जारी होने के बाद अब इस आदेश का विरोध भी शुरू हो गया है। कुछ जिलों में कर्मचारियों के साथ ही शिक्षकों पर इस आदेश का हवाला देते हुए कार्यवाही की तैयारी हो रही है, ऐसे में शिक्षक संगठन इसके विरोध में उतर आए हैं और अब बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
परेशान किया जा रहा है
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि प्रदेश भर में जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा शासन के आदेश जिसमें वर्ष 2001 के पश्चात समस्त संवर्ग में होने वाली नवीन नियुक्ति में तीन संतान होने वाले आवेदकों को पात्र नहीं माना जायेगा, का हवाला देकर तीन संतान वाले शिक्षकों की जानकारी तैयार कर अनाश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और शिक्षकों पर कार्यवाही की जा रही है। जबकि उक्त आदेश सभी कर्मचारियों के लिए था ना कि शिक्षा विभाग के लिए। ऐसे में इस प्रकार की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए।
म. प्र. शासकीय अध्यापक संगठन ने शिक्षकों पर कार्यवाही करने को लेकर प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा एवं आयुक्त लोक शिक्षण को पत्र लिखा है। जिसमें विभिन्न जिलों में तीन संतान वाले शिक्षकों पर की जा रही कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने अधिकारियों पर भेदभाव पूर्ण कार्यवाही करने के आरोप लगाते हुए उन पर कार्यवाही करने की भी मांग की। संगठन ने यह भी कहा है कि अगर इस प्रकार शिक्षकों पर कार्यवाही की गई तो वह इसका पुरजोर विरोध करेंगे।