भोपाल. मंदसौर में स्थित गांधी सागर सेंचुरी को चीतों के दूसरे घरौंदे के रूप में विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फॉरेस्ट अफसरों को अगले 6 महीने में गांधी सागर सेंचुरी को चीता के बसाहट के लिए डिवेलप करने के निर्देश दिए हैं. वन्य प्राणी सलाहकार बोर्ड की बैठक में वन्य प्राणियों से संबंधित मुद्दे तो खारिज हो गए. जबकि विकास कार्यों के लिए प्रस्तुत प्रस्ताव को क्लीयरेंस दे दी गई.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य वन्य प्राणी सलाहकार बोर्ड की बैठक हुई. बैठक में बोर्ड के सदस्य अभिलाष खांडेकर ने मुख्यमंत्री चौहान से आग्रह किया कि कूनो में चीतों की संख्या बढ़ने के बाद वहां का क्षेत्रफल पर्याप्त नहीं होगा. इसलिए चीता के लिए गांधी सागर सेंचुरी को विकसित किया जाना चाहिए.
यदि ऐसा नहीं किया गया तो चीता का घरौंदा राजस्थान में भी बनाया जा सकते हैं और फिर मध्यप्रदेश की पहचान 'चीता राज्य' के रूप में समाप्त हो जाएगी. खांडेकर ने कहा कि जिस तरह से गुजरात सरकार ने एशियाटिक लायन देने से मना कर दिया था, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश को भी चीता का नया घरौंदा डिवेलप करना चाहिए ताकि राज्य की पहचान 'चीता राज्य' के रूप में बनी रहे. खांडेकर के प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री चौहान ने तत्काल फारेस्ट अधिकारियों को गांधी सागर सेंचुरी को अगले 6 महीने में विकसित करने के निर्देश दिए.
वन मंत्री का प्रस्ताव खारिज
राज्य वन्य प्राणी सलाहकार बोर्ड की बैठक में वन मंत्री विजय शाह ने पचमढ़ी में बड़े महादेव मंदिर में रोपवे बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सिरे से खारिज कर दिया गया. बड़े महादेव मंदिर में रोप-वे बनाने का पहला प्रस्ताव 2012 में आया था. तब भी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका था. उसके बाद 2016 में फिर प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था. केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट रूप से रोप-वे बनाने से मना कर दिया था. शुक्रवार को संपन्न बैठक में शाह ने एक बार फिर प्रस्ताव रखा, जिसे खारिज कर दिया गया.
वन्य प्राणियों से संबंधित मुद्दे हुए खारिज
राज्य वन्य प्राणी सलाहकार बोर्ड की बैठक में वन्य प्राणियों से संबंधित सभी मुद्दे सिरे से खारिज कर दिए गए. चाहे वह माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व बनाने का मुद्दा हो या फिर हरदा और बुरहानपुर में सेंचुरी बनाने का प्रस्ताव. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व बनाने के साथ-साथ हरदा और बुरहानपुर में सेंचुरी बनाने के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पहले स्थानीय जनता का ओपिनियन ले लिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के विरोध के चलते सेंचुरी अथवा टाइगर रिजर्व बनाना उचित नहीं होगा. बुरहानपुर सेंचुरी बनाए जाने के प्रस्ताव पर जैसे ही चर्चा शुरू हुई वैसे ही बोर्ड के सदस्य एवं वन्य प्राणी विशेषज्ञ एचएस पावला ने कहा कि बुरहानपुर में जंगल अवैध कटाई और अवैध अतिक्रमण का मुद्दा उठाया. पावला ने कहा कि जब वन ही नहीं रहेंगे तब वन्य प्राणियों का संरक्षण कैसा ? उन्होंने कहा कि बुरहानपुर के जंगलों को बचाया जाना जरूरी है. वहां वनों का विनाश हो रहा है. बुरहानपुर में हो रही अवैध कटाई एवं अतिक्रमण के मसले पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इसे मुख्य सचिव ने गंभीरता से लिया है और अतिक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर और पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं.
अब कौशल योग्यता के आधार पर महावत होंगे नियमित
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सफारी कर लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एजेंडे से इतर महावतों को नियमित करने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. चौहान ने कहा कि वन विभाग के अफसरों से कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे महावतों को कौशल योग्यता के आधार पर नियमित करने की दिशा में प्रस्ताव तैयार करें और उस पर कैबिनेट से अप्रूवल लेकर उन्हें नियमित करे. चौहान ने कहा कि महावत के नियमितीकरण में शिक्षा की योग्यता को दरकिनार कर दें. मुख्यमंत्री के इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 40 मुहावतों के नियमितीकरण और पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है. चौहान के इस निर्णय का अधिकारियों ने प्रशंसा की.
पशु विभाग के डॉक्टरों का होगा संविलियन
बोर्ड की बैठक में प्रतिनियुक्ति पर पशुपालन विभाग के चिकित्सकों के संविधान का मुद्दा भी उठा. बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि पशुपालन विभाग के 12-13 पशु चिकित्सक वन विभाग को सेवाएं दे रहे हैं. इनके संविलियन का मामला अटका हुआ है. ऐसे चिकित्सकों का वन विभाग में संविलियन किया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री चौहान ने इस पर भी हरी झंडी दे दी है.