ट्रेनों में रनिंग स्टाग और यात्रियों का विवाद कोई नई बात नहीं। मगर अब जनप्रतिनिधियों के साथ भी रनिंग स्टाफ की अभद्रता के मामले सामने आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती शताब्दी एक्सप्रेस जैसी हाईप्रोफ़ाइल ट्रेन में रनिंग स्टाफ कीअभद्रता शिकार हो गईं। 

उमा भारती ने पूरे घटनाक्रम की रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिकायत की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आप बीती भी शेयर की है। उमा ने लिखा कि 

जब से नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी ट्रेन शुरू हुई है, तब से मैं इस ट्रेन में यात्रा करती हूं। मैं पहले खजुराहो से सांसद थी, तब झांसी से बैठती थी फिर भोपाल से सांसद हो गई। शताब्दी में खूब बैठी। ऐसा पहली बार हुआ है कि मुझे आज शताब्दी ट्रेन मैं झांसी से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की यात्रा के दौरान शिकायत करनी पड़ी। मैं आज झांसी से बैठी, तो मेरा डिब्बा पूरा खाली था। मैं थी और मेरे सुरक्षाकर्मी मेरी देखरेख के लिए आना-जाना कर रहे थे। अचानक बीना स्टेशन के बाद 4-5 टीटीई लोगों का झुंड आया। उसी डिब्बे में पीछे आकर बैठा। उनका बर्ताव, यूनिफॉर्म, कार्य स्थली और जिम्मेवारी के अनुरूप नहीं था। मेरी सिक्योरिटी वालों की शिकायत पर ट्रेन सुपरिंटेंडेंट ने स्थितियों को नियंत्रित किया। मेरे सुरक्षाकर्मियों ने इस संबंध में रेलवे से शिकायत की है। हमारी भोपाल-झांसी-नई दिल्ली की शताब्दी ट्रेन की छवि बहुत अच्छी है आज का कृत्य देखकर मुझे उस छवि की चिंता है।

पूर्व सीएम उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ही रेल मंत्रालय, पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम को ट्वीट कर शिकायत की है। देखना यह है कि उमा भारती की शिकायत पर अब रेलवे क्या कार्रवाई करता है?