सेंट्रल रेलवे मुंबई डिवीजन ने अपनी उपनगरीय लाइन सीएसएमटी और मस्जिद स्टेशन के बीच लगभग 150 साल पुराने ब्रिटिश कालीन कार्नैक रोड ओवर ब्रिज को ध्वस्त करने के लिए 19 से 20 नवंबर तक 27 घंटे के जंबो ब्लॉक की घोषणा की है।
पुल को गिराने का काम शनिवार देर रात शुरू हुआ और आज रात तक चलेगा। इस दौरान हार्बर लाइन पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और वडाला स्टेशन के बीच लोकल ट्रेनों का संचालन बंद रहेगा।
इस विशेष ब्लॉक के कारण सीएसएमटी और भायखला के बीच मुख्य लाइन पर किसी भी स्थानीय और लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही नहीं होगी। पुल को ध्वस्त करने के लिए सीएसएमटी और मस्जिद स्टेशन के बीच छह रेलवे लाइनों को अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही रुक जाएगी। मध्य रेलवे के मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर 1800 से अधिक लोकल ट्रेनें चलती हैं, जिसमें 'हार्बर' और 'मेन' लाइन्स शामिल हैं। ये ट्रेनें दक्षिण मुंबई में सीएसएमटी से होकर गुजरती हैं।
एक अनुमान के अनुसार, इस विशेष ब्लॉक से मध्य रेलवे की उपनगरीय ट्रेनों के साथ-साथ बाहरी ट्रेनों में यात्रा करने वाले 37 लाख से अधिक यात्री प्रभावित होंगे। कार्नैक पुल के विध्वंस कार्य का निरीक्षण करने के लिए मध्य रेल महाप्रबंधक अनिल कुमार लाहोटी, मंडल रेल प्रबंधक रजनीश कुमार गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बीती रात से स्थल पर मौजूद हैं।
नवंबर 2022 की तारीख के साथ पुल के विध्वंस की योजना पहले से ही थी। यह पुल 1866-67 में बनाया गया था। इसकी जर्जर स्थिति को देखते हुए अगस्त 2014 से पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (IIT-B) की एक विशेषज्ञ टीम द्वारा पुल को असुरक्षित घोषित किया गया था, जिसके बाद नवंबर 2018 में इसे पूरी तरह से यातायात के लिए बंद कर दिया गया था।
इस साल सितंबर में आंशिक विध्वंस का काम शुरू किया गया था। बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा कार्नैक ब्रिज की जगह एक नए पुल का निर्माण किया जाएगा।