मध्यप्रदेश में शराबबंदी का मामला गरमाया हुआ है। इस बीच आज पूर्व सीएम उमा भारती ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। कहा कि इस पर सरकार फैसला करें और समाज उसका सहयोग करें।
पूर्व CM उमा भारती ने आगे कहा कि मैं ही अभियान की नेता हूं ऐसा नहीं है। राजस्व की वसूली ऐसी है कि जिसके बारे में सोचेंगे तो कभी हल नहीं मिलेगा। यह ऐसा है जैसे कुछ सवालों के जवाब कभी नहीं मिलते। मुझे ऐसा डर लग रहा है कि सब यह न सोचे कि मैं इस अभियान की नेता हूं।
मैं करोड़ों लोगों की तरह हूं जो नशे से नफरत करते है। बस मेरा सामर्थ्य ज्यादा है। मैं नेतृत्व करूं,मैं एकमात्र नेता हूं ऐसा नहीं है। मैं अभियान की नेता नहीं हूं मैं उस इंसान की तरह है जो शराब से नशे से नफरत करता।
उन्होंने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि मेरा फोकस मप्र में शराब बंदी है। मेरी इच्छा थी इस संबंध में प्रदेश के मुखिया से बात हो जाए। मुख्यमंत्री ने जनजागृति से करने को कहा है। शिवराज सिंह चौहान मेरे साथ शराब बंद कराने चलेंगे।
मैं गांव शहर में शराब दुकानों के सामने खड़ी हो जाऊंगी। उन्होंने कहा कि शिवराज, वीडी शर्मा सतोगुणी लोग है। ये शराब और शराब पीने वालों से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के परिणाम अच्छे आएंगे। स्वास्थ्य और शिक्षा में देशभर में सुधार की जरूरत। गरीब के मापदंड बदल गए। पहले भोजन की चिंता थी। अंदर ही अंदर शराब बंदी पर काम कर रही थी, इस काम में यदि
कांग्रेस साथ चलना चहती है तो चले। गुनगा से अभियान की शुरूआत कर चुकी हैं। 24-25 मार्च को फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगी।