कांग्रेस नेशनल हेराल्ड मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के खिलाफ सत्याग्रह कर रही है। उधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक बार फिर सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पूछताछ की तैयारी कर रहा है। ईडी को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जो बताते हैं कि 2019 में 'शेल कंपनियों' के जरिए यंग इंडियन एंड एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (AJL) में पैसा आया।

फरवरी 2016 में, सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार और अन्य के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी। सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के काफी समय बाद भी शेल कंपनियों से यंग इंडियन और एजेएल में पैसा आ रहा है। ईडी ने हालिया छापेमारी में मिले दस्तावेजों से 2018-19 में कथित धांधली का खुलासा किया है।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी के अधिकारियों को लगा कि सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के बाद कथित संदिग्ध लेनदेन बंद हो गए होंगे। लेकिन यह फंडिंग यंग इंडियन (YIL) को कोलकाता स्थित शेल कंपनी डोटेक्स मर्चेंडाइज से प्राप्त 1 करोड़ रुपये से अलग है। इसमें सोनिया और राहुल गांधी की 76 फीसदी हिस्सेदारी है। YIL ने कांग्रेस से AJL को खरीदने के लिए DOTEX से 50 लाख रुपये का इस्तेमाल किया।

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नया ख़ुलासा-

सूत्रों ने कहा कि सोनिया, राहुल और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य की फिर से जांच हो सकती है, यदि मुखौटा कंपनियों की जांच और विदेशी धन को संभालने में उनकी भूमिका नज़र आती है तो..! मल्लिकार्जुन खड़गे यंग इंडियन के सीईओ हैं। ईडी पिछले कुछ दिनों में मामले से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर चुकी है।दिल्ली के हेराल्ड हाउस की चौथी मंजिल पर यंग इंडियन का कार्यालय स्थित है। जहां छापे मारे गए थे, वे शेल कंपनियों के प्रमोटर थे, जिन्होंने कथित तौर पर अवैध धन को वैध निवेश में बदलने की मांग करने वाले लोगों को 'प्रवेश' दिया था।

कांग्रेस लगातार मनी लॉन्ड्रिंग और अपने नेतृत्व पर लगे आरोपों से इनकार करती रही है। ईडी ने हाल ही में सोनिया और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए तलब किया था। तब से पार्टी संसद से लेकर पूरे देश में ईडी की जांच और केंद्र सरकार का विरोध कर रही है।

ईडी ने जांच को कैसे ठहराया सहीं?

ED का कहना है कि 800 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले AJL को नवगठित यंग इंडियन (YIL) ने महज 50 लाख रुपये में अपने कब्जे में ले लिया था। यंग इंडियन में सोनिया और राहुल गांधी की 76 फीसदी हिस्सेदारी है और उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। एजेंसी का दावा है कि जांच को ट्रायल कोर्ट में चुनौती दी गई, फिर दिल्ली हाई कोर्ट में और यहां तक ​​कि सुप्रीम कोर्ट में भी, सभी ने जाचं को बरकरार रखा। ईडी ने गुरुवार को खडगे से पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक, उनसे पूछा गया था कि यंग इंडियन के कर्मचारी ऑन-रोल क्यों नहीं हैं? और यह उनके पहले के बयान के विपरीत है जिसमें उन्होंने कहा था कि काम की जानकारी कर्मचारियों के पास होगी।