संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर गृह मंत्री के बयान की मांग और सांसदों के निलंबन का विरोध कर रहे विपक्ष के 50 और सांसद मंगलवार को निलंबित कर दिए गए।  इस तरह अब तक 142 सांसद निलंबित किए जा चुके हैं। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है।

संसद के शीतकालीन सत्र के 12वें दिन यानी मंगलवार को विपक्ष ने सांसदों के निलंबन को लेकर दोनों सदनों में हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने सदन से लेकर सदन के गेट और परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो इन सांसदों का निलंबन वापस लेने के लिए विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर संसद में पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

इसके साथ ही सदन में गृह मंत्री के बयान और सांसदों के निलंबन के खिलाफ विपक्षी  सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, एसपी नेता राम गोपाल यादव समेत कई नेता शामिल हुए।

आपको बता दें संसद की सुरक्षा में सेंध मामले को लेकर विपक्ष ने मांग की है कि गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों में आकर इस मामले पर बयान दें और उसके बाद इस मामले पर चर्चा हो। मांग करने वाले 92 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से सोमवार को ही  निलंबित कर दिया गया था।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सांसदों का आसन के पास आना उचित नहीं है। उन्होंने सांसदों से सदन में मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। जब हंगामा नहीं रुका तो स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही निलंबित कर दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जनता ने विपक्ष को सबक सिखा दिया है।

वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सांसदों के निलंबन को अलोकतांत्रिक बताया है। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डराने-धमकाने का सहारा ले रही है। इस बीच, सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि सांसदों को बिना किसी गलती के निलंबित किया गया है। यह विपक्ष को कुचलने की कोशिश है। विपक्ष के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है।