संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर फिर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। संसद के लोकसभा कक्ष में बुधवार (13दिसंबर) को दो संदिग्ध दर्शक दीर्घा से कूद गए। इन दोनों संदिग्धों ने सदन में स्मोक बम तक चला दिया। इसके बाद अफरा तफरी मच गई। इस बीच पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। कूदने वाले दोनों शख्स के पास से एंट्री पास मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के पास भाजपा के मैसूर सांसद प्रताप सिम्हा ने बनवाये थे।
संसद की सुरक्षा में चूक या इस तरह की लापरवाही को लेकर अब सवाल उठ खड़े हुए हैं। आखिरकार संसद के अंदर घुसकर हर तरफ धुआं फैलाने वाले ये दोनों शख्स कौन थे? दोनों का क्या मकसद था? भाजपा सांसद ने उनके पास क्यों इश्यू करवाए? या फिर इनके पास से जो एंट्री पास मिलें हैं वे फर्जी हैं? स्मोक बेम के साथ संसद में अंदर प्रवेश कैसे कर लिया? संसद हमले की बरसी के दिन यह चूक कैसे हुई?
संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर अब कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाये हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने तो इस घटना को पंजाब में हुई चूक से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठा दिया है।
रागिनी नायक ने X पर लिखा- पंजाब में अपनी सुरक्षा में चूक का ड्रामा कर के तो ‘राई का पहाड़’ बना लिया था मोदी जी ने। अब लोकसभा में बैठे हर सांसद की सुरक्षा में जो चूक हुई, वो भी संसद पर हमले वाले दिन, तो जिम्मेदारी लीजिए ‘महामानव’ !!!
इससे पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरमने घटना को लेकर बताया कि अचानक दो लोग विजिटर गैलरी से सदन में कूदे। दोनों कैन लिए हुए थे। जिनसे पीले रंग का धुआं निकल रहाथा। दोनों में से एक स्पीकर की चेयर के सामने तक भी पहुंच गया था। दोनों ने जमकर नारेबाज़ी भी की। वे 'ताना शाही नहीं चलेगी' जैसे नारे लगा रहे थे।
नीले रंग की जैकेट पहना एक युवक शख्स सांसदों की सीट पर कूदने लगा। वह लगभग तीन कतार लांघकर आसन की तरफ जाने लगा। जब सांसदों ने दोनों तरफ से घेर लिया तो उसने जूता खोल लिया। बाद में जूते से पीला धुआं निकलने लगा। दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। एक आरोपी का नाम नीलम बताया गया है जो कि हिसार की रहने वाली हैं। वहीं दूसरे व्यक्ति का नाम अमोल शिंदे बताया गया है जो कि महाराष्ट्र के लातूर का है।