62 वर्षीय भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को गुजरात के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। दोपहर 2 बजे गांधीनगर सचिवालय के हेलीपैड मैदान में राज्यपाल ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। भूपेंद्र पटेल के बाद 16 मंत्रियों ने भी शपथ ले ली है। आठ कैबिनेट मंत्री हैं, दो स्वतंत्र प्रभार और छह राज्य मंत्री बनाए गए हैं। 

शपथ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर बैठे लोगों को झुककर नमन किया। इसके बाद उन्होंने भूपेंद्र पटेल की कैबिनेट से मुलाकात की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। इस समारोह में PM मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बीजेपी शासित राज्यों के सीएम भी पहुंचे थे।

मध्यप्रदेश के  CM शिवराज सिंह चौहान ने भी शपथ ग्हण समारोह में शिरकत की। वहीं  शपथ ग्रहण में दो हजार से ज्यादा अन्य नेताओं और 200 संतों ने भी हिस्सा लिया। पटेल के सभी मंत्रियों के नाम इस प्रकार हैं...

कैबिनेट मंत्री

कनुभाई देसाई
ऋषिकेश पटेल
राघवजीभाई पटेल
बलवंत सिंह राजपूत
भानुबेन चिल्लाई
कुबेरभाई डिंडोर
कुंवरजी बावडिया
अय्यर मोलूभाई बेरा

स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री

हर्ष संघवी
जगदीश विश्वकर्मा

राज्य मंत्री

पुरुषोत्तम सोलंकी
बच्चूभाई खाबाद
मुकेशभाई पटेल
प्रफुल्ल पानसेरिया
भीखू सिंह परमार
कुंवरजीभाई हलपति

भूपेंद्र के मंत्रिमंडल में हार्दिक पटेल को जगह नहीं मिली है। भूपेंद्र पटेल, गुजरात के 18वें मुख्यमंत्री बने हैं, वे लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पाटीदार समुदाय के एकमात्र नेता हैं। उन्हें 15 महीने पहले विजय रूपाणी की जगह गुजरात की जिम्मेदारी दी गई थी। हार्दिक पटेल को भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। हालांकि, पटेल ने सुबह कहा कि पार्टी तय करेगी कि वह कैबिनेट में रहेंगे या नहीं। उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे वे पूरा करेंगे।

चुनाव से पहले गुजरात में लगातार सभाएं कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटेल के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले ही अहमदाबाद पहुंचे। उन्होंने वहां रोड शो किया। देर रात भी लोग मोदी के स्वागत के लिए खड़े नजर आए। मोदी ने अपनी कार की गति धीमी कर लोगों का अभिवादन भी किया।

बीजेपी ने गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 156 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। 1985 में माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस ने विधानसभा की 149 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, 2002 के चुनाव में जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे तब बीजेपी ने 127 सीटें जीती थीं। इस जीत के साथ बीजेपी ने दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

2017 के मुकाबले इस बार बीजेपी को 58 सीटों का फायदा हुआ है। वहीं, कांग्रेस को सबसे ज्यादा 60 सीटों का नुकसान हुआ है। पार्टी ने पिछली बार 77 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार उसे केवल 17 सीटें मिलीं। आम आदमी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की है। निर्दलीय ने तीन और सपा ने एक सीट जीती है।