राजस्थान के सियासी संकट को लेकर अब कांग्रेस में फैसले की घड़ी करीब नजर आ रही है। कांग्रेस से मिल रहे संकेत यह बता रहे हैं कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भविष्य का फैसला मध्यप्रदेश में होने जा रहा है।
भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन मध्यप्रदेश में राहुल गांधी के साथ अचानक प्रियंका गांधी और सचिन पायलट का शामिल होना राजस्थान के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। मध्यप्रदेश के बाद भारत जोड़ो यात्रा का अगला पड़ाव भी राजस्थान है। ऐसे में सचिन पायलट की प्रियंका और राहुल के साथ मौजूदगी बड़ा संकेत है।
बड़ी बात यह है कि प्रियंका गांधी का भी यात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम भी पूर्व निर्धारित नहीं था उनके भी यात्रा में शामिल होने की खबर एक दिन पहले ही सामने आई है। प्रियंका और सचिन पायलट का एक साथ एक ही दिन भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के पीछे खास कारण माना जा रहा है क्योकि सचिन पायलट को राजस्थान की सत्ता का सबसे बड़ा आश्वासन प्रियंका गांधी की ओर से ही मिला है।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि अशोक गहलोत भी आलाकमान की मंशा को समझ चुके हैं। यही कारण है कि एक साक्षात्कार में उन्होंने सचिन पायलट को खुलेआम गद्दार बताते हुए उन्हें किसी भी कीमत पर न स्वीकारने की बात तक कह डाली है।
अब निगाहें 26 नवंबर पर जा टिकी हैं इस दिन कांग्रेस के नए नवेल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मध्यप्रदेश आ रहे हैं। पार्टी की ओर से यह बताया गया है कि मल्लिकार्जुन खडगे 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर बाबा साहब अंबेडकर की जन्मस्थली पर राहुल गांधी के साथ पहुंचेंगे।
वहीं यह भी माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश में मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में राजस्थान पर कांग्रेस आलाकमान अपने फैसले पर मुहर लगा देगा। देखना यह है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट में चल रही रस्साकशी में कांग्रेस का आलाकमान किस पर हाथ रखता है या इसी रस्साकशी के बीच ही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में प्रवेश करती है।