संसद में दिल्ली अध्यादेश बिल पेश होने की संभावनाओं पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ब्रेक लगा दिया है। अब आज लोकसभा में दिल्ली सर्विस बिल पेश नहीं होगा। मगर मणिपुर पर घमासान जारी है। हालांकि सरकार ने आज ही इस पर चर्चा की भी बात कही है।

उधर संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि जब दिल्ली अध्यादेश विधेयक पेश किया जाएगा तो बता दिया जाएगा, लेकिन आज की कार्यसूची में इसका कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव अगले 10 दिनों के भीतर लाया जाएगा। इससे पहले आज उम्मीद जताई जा रही थी कि लोकसभा में दिल्ली अध्यादेश बिल पेश किया जा सकता है।

सदन में नारेबाजी व 65 नोटिस

मणिपुर हिंसा पर आज भी संसद में 'महाभारत' जारी है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनट में स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा में विपक्ष ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 10 दिन से हम मणिपुर पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, नियम 267 में चर्चा होनी चाहिए। राज्यसभा में पीयूष गोयल विपक्ष पर बरसे व कहा कि ये लोग चर्चा से भाग रहे हैं क्योंकि इनकी दाढ़ी में कुछ काला है। आज जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि रूल 267 के तहत 65 नोटिस मिले हैं।

नियमों पर दोनों तरफ से तर्क…

राज्यसभा में मणिपुर की स्थिति पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आज भी सहमति नहीं बन पाई जिसके कारण हुए हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

कार्यवाही स्थगित होने से लोक महत्व के विषयों से जुड़ी शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी। दो सप्ताह पहले शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान बार-बार बाधा पहुंचाए जाने के कारण सदन में एक दिन भी शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी है।

सोमवार को जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि 65 सदस्यों ने उन्हें नियम 267 के तहत चर्चा कराने के लिए नोटिस दिए हैं। सदन में पहले ही नौ दिन का समय बर्बाद हो चुका है और विपक्ष नहीं चाहता कि मणिपुर की सच्चाई सबके सामने आए।

गोयल ने कहा सरकार नियम 176 के तहत आज दो बजे से ही मणिपुर के विषय पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। सभापति ने नेता विपक्ष से इस पर अपने विचार रखने को कहा तो नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह खुद भी नियम 267 के तहत मणिपुर की स्थिति पर चर्चा कराने का नोटिस दे चुके हैं। सभापति ने कहा कि सरकार मणिपुर की स्थिति पर दो बजे चर्चा कराने के लिए तैयार हैं।