लोकसभा में आज विपक्ष के हंगामे का टोन बदल गया गया। मणिपुर हिंसा पर शोर-शराबे के बाद अब विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर तुरंत चर्चा की मांग पर अड़ा है। प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस सांसद अधीररंजन ने एक बार पर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग की। उन्होंने 1978 में मोरारजी देसाई सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर तुरंत ही चर्चा शुरू करवा दी गई थी। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि चर्चा के नियमानुसार 10 दिन का वक्त है। हालांकि फिर शोर-शराबा शुरू हो गया तथा इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी विपक्ष इसी मांग पर जोरदार हंगामा करता रहा। हंगामे के चलते सभापति ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।
विपक्ष ने बदली रणनीतिः हालांकि अब लोकसभा में विरोध जताने के लिए विपक्षी सांसदों ने रणनीति बदली है। जैसे ही सत्ता पक्ष की तरफ से कोई बोलने के लिए खड़ा होता है, विपक्षी सांसद उन्हें घेरकर नारेबाजी करने लगते हैं। माइक के साथ उनकी आवाज सदन में गूंजने लगती है और वे कैमरे पर भी नजर आने लगते हैं।
विपक्षी सांसद कल जायेंगे मणिपुर: वहीं मणिपुर के हालात का जायजा लेने विपक्षी गठबंधन दृ.हृ. ठ... ने राज्य के दौरे की योजना बनाई है। शनिवार-रविवार को लगभग 20 सांसद मणिपुर जा रहे हैं। यह जानकारी कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने मीडिया को दी।