संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर फिर सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। संसद के लोकसभा कक्ष में बुधवार (13दिसंबर) को दो संदिग्ध दर्शक दीर्घा से कूद गए। इन दोनों संदिग्धों ने सदन में स्मोक बम तक चला दिया। इसके बाद अफरा तफरी मच गई। इस बीच पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। कूदने वाले दोनों शख्स के पास से एंट्री पास मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के पास भाजपा के मैसूर सांसद प्रताप सिम्हा ने बनवाये थे।
अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। साथ ही ये भी कहा जा रहा है, कि टीएमसी सांसद महुआ मित्रा को संसदीय की आधिकारिक साईट का पासवर्ड किसी दूसरे को देने के कारण बर्खास्त कर दिया गया। तो क्या संसद के भीतर इस तरह के प्रदर्शनकारियों को एंट्री पास बनाकर देना बस एक भूल मात्र है?
Deepak Sharma @DeepakSEditor नाम के यूजर ने अपने X हैंडल पर इस पूरे वाक्ये पर सवाल उठाते हुए लिखा है, संसदीय साईट का पासवर्ड देना सुरक्षा से खिलवाड़ था इसलिये @MahuaMoitra को बर्खास्त किया गया। पर संसद का ‘पास’ अराजक तत्वों को सौंपना उतनी बड़ी चूक नहीं है क्योंकि सांसद भाजपा का है और अराजक तत्व भी उसी धारा से हैं। निष्कर्ष पासवर्ड देना गुनाह, पास देना भूल !!
सवाल यह भी उठ रहे कि आखिरकार संसद के अंदर घुसकर हर तरफ धुआं फैलाने वाले ये दोनों शख्स कौन थे? दोनों का क्या मकसद था? भाजपा सांसद ने उनके पास क्यों इश्यू करवाए? या फिर इनके पास से जो एंट्री पास मिलें हैं वे फर्जी हैं? स्मोक बम के साथ संसद में अंदर प्रवेश कैसे कर लिया? संसद हमले की बरसी के दिन यह चूक कैसे हुई?