पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है।  किसानों का दिल्ली चलो मार्च अंबाला में शुरु हो गया है।अंबाला के पास शंभू सीमा पर इकट्ठा होकर किसानों ने मार्च की शुरुआत की है।

सिंघु बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए बड़े-बड़े गड्ढ़े बनाए जा रहे हैं। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले सिंघु बॉर्डर के पास ड्रोन मैपिंग की और फिर उन रास्तों की पहचान की, जहां से ट्रैक्टरों को दिल्ली लाया जा सके। उन सड़कों पर जेसीबी की मदद से 10 फीट गहरे गड्ढे खोदे जा रहे हैं।

इसी बीच आंदोलन को लेकर कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा का बयान भी सामने आया है। केंद्रीय मंत्री कृषि मंत्री ने कहा है, "किसान संगठनों को ये समझना होगा कि जिस कानून की बात की जा रही है। उस कानून के बारे में इस तरीके से कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता जिससे बाद के दिनों में सबके लिए बगैर सोची समझी स्थिति के बार में लोग आलोचना करें। हमें ये कोशिश करनी चाहिए हम इसके सभी पक्षों का ध्यान रखें। किसानों को इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि आम जनजीवन को बाधित ना करें, आम जनजीवन किसी तरह से परेशान ना हो। "मैं किसान संगठनों से कहूंगा कि वे राजनीति से प्रेरित होकर काम न करें।"किसानों की समस्या का समाधान निकाला जा रहा है।" 

किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। हमें सभी पक्षों को ध्यान में रखकर बातचीत करनी होगी।' मैं किसान संगठनों से अनुरोध करता हूं कि वे चर्चा का माहौल बनाए रखें।'

इसी बीच किसान नेता पंधेर ने कहा- हम पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम पर खालिस्तान समर्थक और वाम-कांग्रेस समर्थक होने का आरोप लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। पथराव को लेकर उन्होंने कहा कि हम पथराव नहीं कर रहे हैं, हमारा आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। सरकार आंदोलन को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने हमारे किसानों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हम सरकार से टकराव नहीं चाहते, सरकार को हमारी मांगें माननी चाहिए। 

आपको बता दें, कि मंगलवार को किसानों को रोकने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस छोड़ी गई. सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इन सीमाओं पर सीमेंट और लोहे की बैरिकेडिंग भी की गई है। इसके अलावा किसानों को रोकने के लिए कंटीले तार और कंटेनर भी लगाए गए हैं। किसानों ने मंगलवार शाम को फिर कहा कि वे सुबह फिर से दिल्ली में घुसने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही किसानों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है।

मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने शंभू सीमा पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और हरियाणा पुलिस के जवानों पर पथराव भी किया, जिसके जवाब में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में अशांति फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर किसानों को दिल्ली जाना है तो बस या ट्रेन से जाएं या पैदल जाएं, हम उन्हें ट्रैक्टर से दिल्ली नहीं जाने देंगे।

पंजाब के अधिकारियों ने शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस-प्रशासन द्वारा अपने क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पंजाब के अधिकारियों ने शंभू सीमा पर पंजाब क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का विरोध किया है। पंजाब के पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) शौकत अहमद पारे ने अंबाला के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अंबाला के पास शंभू सीमा पर पंजाब की सीमा के अंदर ड्रोन नहीं भेजा जाना चाहिए।