पान मसाला-गुटखा के शौकीनों को सरकार झटका दे सकती है। शनिवार को होने वाली गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल की बैठक पान-मसाला और गुटखा जैसी वस्तुओं पर अतिरिक्त टैक्स लगाने पर विचार हो सकता है। यह निर्णय ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स की उस रिपोर्ट के बाद लिया जा सकता है जिसमे गुटखा कंपनियों के टैक्स चोरी के मामले का जिक्र किया गया था साथ ही एक्स्ट्रा टैक्स लगाने की भी बात कही गई थी। 

 रिपोर्ट के अनुसार, ग्रुप ऑफ़ मिनिस्टर्स ने एक 'विशिष्ट टैक्स आधारित लेवी' का प्रस्ताव दिया है। पैनल ने कुल 38 आइटम्स पर विशिष्ट टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। इसमें पान-मसाला, हुक्का, चिलम, चबाने वाले तंबाकु जैसे आइटम्स शामिल हैं। इन आइटम्स के खुदरा बिक्री प्राइस पर 12 फीसदी से लेकर 69 फीसदी तक अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। फिलहाल इनपर 28 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। 

ओडिशा के वित्त मंत्री निरंजन पुजारी के नेतृत्व में मंत्रिस्तरीय पैनल ने इस मुद्दे पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। इसे शनिवार को जीएसटी परिषद की बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। अगर रिपोर्ट को मंजूरी मिल जाती है, तो इन क्षेत्रों में रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर दोनों के स्तर पर राजस्व के लीकेज को रोकने में मदद मिलेगी। 
  
वित्त मंत्रालाय ने ट्वीट किया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। बैठक में वित्त राज्य मंत्रियों के अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।