26 पार्टियों के भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने गठबंधन में शामिल 26 पार्टियों के साथ केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। व्यवसायी गिरीश भारद्वाज की दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर यह जवाब माँगा गया है।
याचिका में कहा गया है कि इन 26 पार्टियों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अनुचित लाभ हासिल करने के लिए गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखा है। यह तर्क दिया गया है कि I.N.D.I.A नाम का इस्तेमाल केवल सहानुभूति और वोट हासिल करने के लिए किया गया है। साथ ही, इसका उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए और हिंसा भड़काने के लिए किया जाता है जो भविष्य में राजनीतिक घृणा और हिंसा को जन्म दे सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने गिरीश भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामला सुनवाई के लिए उपयुक्त है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
याचिकाकर्ता का कहना है कि संक्षिप्त रूप I.N.D.I.A राष्ट्रीय प्रतीक का एक अनिवार्य हिस्सा है। ऐसे में शॉर्ट फॉर्म का इस्तेमाल किसी भी व्यावसायिक, वाणिज्यिक उद्देश्य और राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता है। यह प्रतीक और नाम अधिनियम 1950 का उल्लंघन है।
आगे कहा गया है कि इन राजनीतिक दलों के स्वार्थी कृत्य से 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिससे देश के नागरिक अनुचित हिंसा का शिकार हो सकते हैं और देश की कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
याचिका में कहा गया है कि भारत के चुनाव आयोग ने इन राजनीतिक दलों को अपने गठबंधन के संक्षिप्त नाम I.N.D.I.A का उपयोग करने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। इसलिए, याचिकाकर्ता के पास यह रिट याचिका दायर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।