संसद भवन की सुरक्षा में सेंध मामले में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद अब नया खुलासा हुआ है। संसद में घुसपैठ कर प्रदर्शन करने के लिए आरोपी 7 स्मोक कैन लेकर पहुंचे थे। आरोपियों का मकसद बड़ा संदेश देना था। मास्टरमाइंड ललित झा के साथ ही सभी आरोपियों ने 3 प्लान बनाए थे, जिसमें एक प्लान संसद के बाहर प्रदर्शन करना था लेकिन इसको लेकर ललित झा ने कहा था कि इससे देश और मीडिया में बड़ा संदेश नहीं जाएगा इसलिए संसद के अंदर घुसपैठ करना चाहिए।
पुलिस की पूछताछ में ये भी सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों ने इंटरनेट से बहुत सारी चीजें सीखी थी। इसमें संसद की सुरक्षा कैसी होती है, इसके लिए पुराने वीडियो देखे, कैसे सुरक्षित चैट्स की जाती सकती है ये जाना और समझा था। यही वजह है की सभी आरोपी सिग्नल एप पर बात करते थे ताकि पकड़े न जाएं। जांच में ललित ही खुद को इस पूरे मामले का मास्टमाइंड बता रहा है, अधिकारियों को वो अभी तक सेल्फ रेडिक्लाइज लग रहा है। जांच में ये भी सामने आया है कि ललित झा ने कई युवाओं को अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए जोड़ा था और अपने मकसद के लिए उनका ब्रेन वॉश किया था।
योजना एक दिन पहले अंजाम देना पड़ी!
दरअसल संसद भवन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों की साजिश संसद हमले की बरसी वाले दिन 13 दिसंबर को हंगामा करने की नहीं थी। वे तो 14 दिसंबर को हंगामा करना चाहते थे, मगर संसद के अंदर जाने का पास 13 दिसंबर का मिल गया। इससे बरसी वाले दिन ही आरोपियों ने संसद के अंदर व बाहर हंगामा किया। इन्हें उम्मीद थी कि पास 14 दिसंबर को मिलेंगे, क्योंकि सांसद के पीए ने इसी तारीख का वादा किया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों से पूछताछ के बाद जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें कहा गया है कि 10 दिसंबर की रात सागर, नीलम और अमोल गुरुग्राम में विशाल उर्फ विक्की (मनोरंजन का दोस्त) के घर पहुंचे। देर रात ललित झा आया और अगली सुबह मनोरंजन फ्लाइट से आया था।