तमिलनाडु सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर जहां सियासी तौर पर भारी हंगामा है, वहीं कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने प्रकारांतर से समर्थन किया है जबकि राजद नेता मनोज झा ने भी कबीरदास का दोहा सुनाया है। उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से करते हुए कहा था कि इसे मिटाना है। उनके इस बयान को भाजपा ने जीनोसाइड कॉल बताया तो कांग्रेस ने इससे किनारा कर लिया है। 

जूनियर चिदंबरम ने उदयनिधि के बयान पर कहा है कि सनातन धर्म एक कास्ट हायरार्कियल सोसायटी के लिए कोड के अलावा और कुछ नहीं है, इसके लिए बैटिंग करने वाले सभी अच्छे पुराने दिनों के लिए उत्सुक हैं! कार्ति ने कहा, तमिलनाडुमें आम बोलचाल की भाषा में 'सनातन धर्म' का अर्थ पदानुक्रमित समाज है, ऐसा क्यों है कि हर कोई जो सनातन धर्म के लिए बल्लेबाजी कर रहा है वह विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग से आता है, जो 'पदानुक्रम' के लाभार्थी हैं। 

दूसरी तरफ आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि कभी-कभी हमें प्रतीक मुहावरे के अंदर जाकर सोचना होगा। उन्होंने कबीर दास का दोहा उध्दत करते हुए कहा- जो तू ब्राह्मण ब्राह्मणी जाया, आन बाट काहे नहीं आया। जो तू तुरुक तुरुक्नी जाया, अंदर खतना क्यूं न कराया। झा ने कहा कि क्या कबीर को फांसी पर लटका देंगे?