अरुणाचल में एलएसी के पास तवांग में हुई झड़प को लेकर सियासत भी शुरू है और संसद में भी बवाल चल रहा है। हालांकि इस मामले में अमेरिका ने भारत का साथ दिया है। पेंटागन प्रेस सचिव पैट राइडर ने कहा कि चीन इंडो पैसिफिक रीजन में अमेरिकी सहयोगियों और साझेदार देशों को जानबूझ कर उकसा रहा है और हम अपने सहयोगियों की सुरक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग हैं। पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। अमेरिका ने एलएसी के पास चीन की ओर से सैन्यीकरण और सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण की आलोचना भी की है। पेटांगन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने साफ शब्दों में कहा, ' हम अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर तत्पर हैं.' प्रेस सचिव ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की ओर से तनाव को कम करने की कोशिश का हम समर्थन करते ।

कांग्रेस ने भी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई

उधर कांग्रेस ने भी भारत चीन सैनिकों की झडप पर विपक्षी दलों की हाईलेवल मीटिंग बुलाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे तवांग पर सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दलों के साथ चर्चा कर रहे हैं। खड़गे ने कहा भी है कि रक्षामंत्री संसद में आए, बयान पढ़ा और बाहर चले गए। वह चर्चा करने के लिए तैयार ही नहीं थे। इसका राजीव गांधी फाउंडेशन मामले से कोई संबंध नहीं है। अगर इसमें हमारी किसी भी तरह की गलती है तो हमें फांसी पर लटका दो। उपसभापति ने कहा था कि हमें स्पष्टीकरण का मौका दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने नहीं दिया।

अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण, अलर्ट पर एयरफोर्स

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीन के सैनिकों के साथ झड़प के बाद अब थल सेना से लेकर वायुसेना तक अलर्ट पर है। भारतीय वायुसेना अगले 48 घंटों में चीनी सीमा से सटे चार एयरबेस पर बड़ा सैन्याभ्यास करने जा रही है। इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन शामिल होंगे। ये युद्धाभ्यास वायुसेना की पूर्वी कमांड करेगी। जेनकारी के मुताबिक, 15 और 16 दिसंबर को चीनी सीमा के पास ये युद्धाभ्यास होगा. वायुसेना का ये युद्धाभ्यास जिन चार एयरबेस पर होगा, उनमें तेजपुर, चाबुआ, जोरहट और हाशिमारा शामिल है।

वे हर बार आते हैं और पिटकर चले जाते हैं....

इधर न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत मे पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने कहा कि भारतीय सेना चीन की किसी भी हिमाकत के लिए हमेशा तैयार है। जब उनसे पूछा गया कि 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर के यांग्त्से इलाके में चीन ने एलएसी की स्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिश की क्या ये 2020 (गलवान घाटी की हिंसक झड़प ) की तरह ही था? तो पूर्व आर्मी चीफ ने कहा, 'यह सिर्फ 2020 की बात नहीं है। वे (चीनी सेना) हर साल ऐसी कोशिश करते हैं। हर साल वे हमारे क्षेत्र में आने की इस तरह की 2-3 कोशिशें करते हैं और हर बार उन्हें शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। '