ADR Report On 5 States Election 2023: चुनाव निगरानी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR)/इलेक्शन वॉच ने चेतावनी दी है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के दौरान धनबल और बाहुबल का दुरुपयोग काफी बढ़ गया है. चुनाव आयोग ने कहा कि इन पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद से लेकर अब तक 1760 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई है.
ADR रिपोर्ट में बड़ा ख़ुलासा?
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स/इलेक्शन वॉच के कार्यक्रम और अनुसंधान अधिकारी ने बताया कि इन पांच राज्यों में 2018 के चुनावों के दौरान लगभग 239.15 करोड़ मूल्य का प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया गया था. यानी, पिछले पांच साल में इसमें सात गुना बढ़ोतरी हुई है, जो चिंता का विषय है. इससे पता चलता है कि चुनावों में धनबल और बाहुबल का दुरुपयोग बढ़ रहा है.
लोकसभा चुनाव के दौरान क्या थे हालात?
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स/इलेक्शन वॉच के अनुसार, पिछले साल गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक सहित छह राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थ की कीमत लगभग 1,400 करोड़ रुपये थी, जो कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों से 11 गुना अधिक थी. पिछले कुछ सालों के दौरान चुनाव आयोग का रिपोर्टिंग तंत्र भी अधिक प्रभावी हो गया है.
वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से चुनाव के दौरान प्रतिबंधित वस्तुओं की बरामदगी बढ़ती जा रही है. पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कुल प्रतिबंधित सामग्री की जब्ती करीब 3400 करोड़ रुपये थी, जबकि, इस साल सिर्फ 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान जब्ती का आंकड़ा 1760 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. इससे पता चलता है कि चुनाव में धनबल का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है.