हरियाणा के नूंह में सोमवार को हुए हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए नूंह में कर्फ्यू जारी है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। हिंसा में 10 पुलिसकर्मियों समेत 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। नूंह के अलावा सोहना, गुरुग्राम, पलवल समेत अन्य स्थानों पर भड़की हिंसा और दंगा के 44 मामले दर्ज किए गए हैं। 70 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। आसपास के शहरों में धारा 144 लागू है और शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने नूंह के साथ अन्य स्थानों पर फैली हिंसा के पीछे बड़ी साजिश का संदेह जताया। वहीं, डीजीपी पीके अग्रवाल और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था ) ममता सिंह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालात को देखते हुए नूंह के अलावा फरीदाबाद में बुधवार तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की एक व दो अगस्त की 10वीं की परीक्षाएं (अंक सुधार, कंपार्टमेंट) रद्द की गई हैं।
इस बीच, नूंह में हुई हिंसा में घायल दो और लोगों की मंगलवार को मौत हो गई। पुलिस ने चार मौतों की पुष्टि की है। इनमें होमगार्ड के जवान गुरसेवक व नीरज, पानीपत के बजरंग दल कार्यकर्ता अभिषेक और नगीना के शक्ति हैं। वहीं, एक की मौत गुरुग्राम में हुई। पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात सेक्टर-57 में भीड़ ने एक धर्मस्थल पर हमला कर दिया । हमले में घायल इमाम बिहार निवासी साद की इलाज के दौरान मौत हो गई।
आठ जिलों तक फैली आग
नूंह की आग 8 जिलों तक फैल गई है। मेवात व आसपास के जिलों रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और महेंद्रगढ़ में पहले से ही तनाव था। हिंसा में पानीपत के अभिषेक की मौत के बाद वहां भी तनाव फैल गया। इसे देखते हुए पानीपत के साथ सोनीपत समेत सभी 8 जिलों में धारा 144 लगा दी गई है।