तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में रिश्वत के बदले सवाल पूछने के आरोप के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय पर बड़ा आरोप लगाया है। आज मोइत्रा ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे के फर्जी बताते हुए कहा कि उन पर लगाए सभी आरोप पूरी तरह गलत है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि व्यापारी का हलफनामा पूरी तरह से फर्जी है और प्रधानमंत्री कार्यालय ने हीरानंदानी को बंदूक की नोक पर मजबूर कर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराए है।
सांसद ने कथित तौर पर हीरानंदानी द्वारा संसद की आचार समिति को सौंपे गए हलफनामे की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और यह कहा कि यह 'न तो आधिकारिक लेटरहेड पर है और न ही नोटरीकृत है'। महुआ ने कहा कि हीरानंदानी देश में बड़े व्यापारियों में शामिल हैं और किसी श्वेत पत्र पर हस्ताक्षर क्यों करेंगे, जब तक कि ऐसा करने के लिए उसके सिर पर बंदूक नहीं रखी गई हो ?
गौरतलब है कि गुरुवार को हीरानंदानी ने पत्र लिखकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके पास महुआ का लोकसभा का ईमेल एक्सेस था, जिससे वो खुद ही अदाणी के खिलाफ सवाल डाल देते थे। महुआ ने अदाणी पर इसलिए बार-बार आरोप लगाए थे, ताकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छबि को को खराब कर सके। हीरानंदानी ने इस पर अपने हस्ताक्षर के साथ एक हलफनामा भी जारी किया है।