संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर गृह मंत्री के बयान की मांग करने वाले 90 से अधिक विपक्षी सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया है। जिसमें कांग्रेस और टीएमसी के बड़े नेता शामिल हैं। मंगलवार को जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो इन सांसदों का निलंबन वापस लेने के लिए विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां लेकर संसद में पहुंच गए। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इसके साथ ही सदन में गृह मंत्री के बयान और सांसदों के निलंबन के खिलाफ विपक्षी सांसद संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन, एसपी नेता राम गोपाल यादव समेत कई नेता शामिल हुए।
कांग्रेस के X हैंडल पर भी इस विरोध प्रदर्शन की एक वीडियो साझा किया गया है। कांग्रेस का कहना है, कि संसद में सवाल पूछना अब गुनाह हो चला है। मोदी सरकार ने विपक्ष के 92 सांसदों को सस्पेंड कर दिया, क्योंकि वो सवाल पूछ रहे थे। इसके विरोध में आज संसद स्थित गांधी प्रतिमा के सामने विपक्ष के सांसदों ने विरोध दर्ज कराया।
आपको बता दें संसद की सुरक्षा में सेंध मामले को लेकर विपक्ष ने मांग की है कि गृह मंत्री अमित शाह दोनों सदनों में आकर इस मामले पर बयान दें और उसके बाद इस मामले पर चर्चा हो। मांग करने वाले 92 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सांसदों का आसन के पास आना उचित नहीं है। उन्होंने सांसदों से सदन में मर्यादा बनाए रखने की अपील की है। जब हंगामा नहीं रुका तो स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही निलंबित कर दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जनता ने विपक्ष को सबक सिखा दिया है।
एक तरफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने सांसदों के निलंबन को अलोकतांत्रिक बताया है। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डराने-धमकाने का सहारा ले रही है। इस बीच, सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि सांसदों को बिना किसी गलती के निलंबित किया गया है। यह विपक्ष को कुचलने की कोशिश है। विपक्ष के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है।