राहुल गांधी 25 सितम्बर सोमवार को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहे। इस दौरान राहुल गांधी ने बिलासपुर के तखतपुर विकासखंड में आयोजित आवास न्याय सम्मेलन में अपने संबोधन में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।

अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा कि बिलासपुर आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मैं बैठा था और मुझे एक रिमोट कंट्रोल दिया गया और कहा गया कि इसका बटन दबाओ, जैसे ही हमने बटन दबाया, हजारों-करोड़ों रुपए छत्तीसगढ़ की जनता के खाते में चले गए। ग्रामीण आवास योजना के तहत करीब 50 हजार लोगों को 1-2 सेकेंड में पैसा मिल गया।

राहुल गांधी ने कहा कि हमने मंच से रिमोट दबाया, लेकिन बीजेपी छुपकर रिमोट दबाती है। बटन दबाते ही व्यापारियों को एयरपोर्ट मिल जाता है, दोबारा दबाओ तो रेलवे मिल जाता है। दो रिमोट काम करते हैं, हम दबाते हैं, तो लाभार्थियों को पैसा मिलता है, भाजपा दबाती है, तो सरकारी क्षेत्र का निजीकरण हो जाता है। आपका जल, जंगल, जमीन गुप्त रूप से उद्योगपतियों का है।

राहुल ने कहा कि पीएम आवास योजना के तहत, भारत सरकार को छत्तीसगढ़ को जो पैसा देना था वह नहीं दिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार कई बार अनुरोध कर चुकी है लेकिन केंद्र अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। आज आपके खाते में 12000 करोड़ रुपये आये।

राहुल गांधी ने आगे बोलते हुए कहा, हमने चुनाव में आपसे कुछ वादे किये थे, ऐसे वादे जो छत्तीसगढ़ को बदल देंगे। हमने बिजली बिल हाफ करने और धान की कीमत 2500 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा किया और देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ये वादे पूरे नहीं कर सकती।

लेकिन हमने इनपुट सब्सिडी के तौर पर 21000 करोड़ रुपये दिये। सरकार ने आदिवासियों के स्वास्थ्य और वन उपज के लिए एमएसपी के क्षेत्र में भी काम किया है। कई रिक्तियां भरी गईं, 1.3 लाख युवाओं को 2500 रुपये प्रति माह दिए गए।

कांग्रेस पार्टी ने जातिगत जनगणना कराई. भारत में किस जाति के कितने लोग हैं इसका डेटा भारत सरकार रखती है। केंद्र सरकार उस डेटा को जनता को दिखाना नहीं चाहती। राहुल गांदी ने सरकार पर तंज कसते हुए आगे कहा, कि भारत सरकार विधायकों और सांसदों से नहीं, बल्कि सचिवों और कैबिनेट सचिवों द्वारा चलती है। कोई भी योजना 90 सचिवों द्वारा तैयार की जाती है जो योजना बनाते हैं। इसलिए मैंने जांच की कि मोदी सरकार में 90 लोगों में से कितने पिछड़े वर्ग से हैं। यह जानकर आश्चर्य हुआ कि इन 90 में से केवल 3 लोग ही ओबीसी समुदाय से आते हैं।