उत्तराखंड के उत्तरकाशी में 13 दिन से टनल में फंसे 41 मजदूरों की सकुशल वापसी पर देश-दुनिया की निगाह लगी हुई है। पूरे देश में 41 ज़िंदगियों के लिए पूजा पाठ की जा रही है। शुक्रवार को महाकाल मंदिर में भी इसके रेस्क्यू ऑपरेशन जल्द पूरा होने और मज़दूरों के टनल से बाहर आने के लिए विशेष पूजा की गई।

महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल का विधि विधान से अभिषेक-पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का श्रृंगार कर भस्म आरती हुई। भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने महाकाल से टनल में फंसे मजदूरों के सकुशल बाहर आने के लिए प्रार्थना की।

इससे पहले 21 नवंबर को महाकाल मंदिर के पुरोहित और पुजारियों ने मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रुद्राभिषेक किया था। प्रदेश के अन्य देवालयों में भी पूजा पाठ का दौर जारी है।

दूसरी ओर टनल में ड्रिलिंग का काम शुक्रवार को फिर शुरू होगा। पाइप 47 मीटर तक पहुंच चुका है। अब अभी 16.2 मीटर खुदाई बाकी है। ड्रिलिंग के में कोई नई बाधा नहीं आती है, तो संभवत आज 41 मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है।