मणिपुर हिंसा पर गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके कारण सिर्फ 6 मिनट बाद ही स्पीकर ओम बिड़ला को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष के सांसद तख्तियां लेकर पहुंचे और प्रधानमंत्री सदन में नारे लगाने लगे, लोकसभा में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कड़ी फटकार लगाई।
विपक्ष मणिपुर के हालात पर विस्तृत चर्चा और प्रधानमंत्री से इस पर बयान देने की मांग कर रहा है तथा संसद में गतिरोध बना हुआ है। इससे पहले विपक्षी नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें विरोधस्वरूप काले कपड़े पहनने का निर्णय हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्षी जो तैयारी करके आए हैं, उसमें भी विविधता है। कांग्रेस पार्टी ने बिना किसी विपक्षी पार्टी से बातचीत किए अविश्वास प्रस्ताव दिया है। अविश्वास प्रस्ताव लाने से और काले कपड़े पहनने से कुछ नहीं होगा, बाद में काला पहनकर ही घूमना पड़ेगा।
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, मणिपुर के लोगों के घाव पर नमक छिड़क रहे हैं। जिस समय हम बोल रहे हैं कि वे मणिपुर जाकर देश की व्यवस्था संभाले, राष्ट्रहित में काम करें, उस समय वे भाषण दे रहे हैं। पहली बार हमें ऐसा पीएम मिला है जो देश के एक हिस्से में आग लगने के बावजूद भाषण में मग्न है।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष ने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। इस नोटिस को लोकसभा स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। अब लोकसभा स्पीकर चर्चा का दिन तय करेंगे। अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष मणिपुर के हालात पर चर्चा की मांग कर सकता है। वहीं दिल्ली के अध्यादेश पर भी संसद में चर्चा हो सकती है। इसे लेकर जदयू ने राज्यसभा सांसदों को व्हिप जारी किया है।