मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी आज जवाब देंगे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में बोलते हुए विपक्ष पर हमला बोला। वहीं, इस बीच उन्होंने विपक्षी सांसदों के वॉकआउट के बाद सदन में लौटने पर भी तंज कसा।
दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव पर जैसे ही केंद्रीय मंत्री ज्योदिरादित्य सिंधिया बोले, विपक्षी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश की जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है, अब वे लोकसभा से भी बाहर जा रहे हैं। वहीं, बाद में जब विपक्षी सांसद लौटे तो उन्होंने कहा कि देखो वे आ गए हैं।
इससे पहले लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम को लेकर दिए गए बयान को लेकर अधीर रंजन चौधरी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि आज मैं एनडीए गठबंधन और पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे बोलने का मौका दिया। हम लोकतंत्र के मंदिर में ऐसा दृश्य देख रहे हैं, जिससे 140 करोड़ लोग प्रेरणा लेते हैं, इससे साफ है कि इन लोगों को न तो देश की चिंता है और न ही प्रधानमंत्री पद की। क्या उन्हें राष्ट्रपति पद की चिंता है, उन्हें सिर्फ अपने पद की चिंता है।
उन्होंने अधीर रंजन पर तंज कसते हुए कहा कि मैं 20 साल से संसद में हूं, लेकिन आज तक ऐसा दृश्य नहीं देखा। यहां जिस तरह से शब्दों का इस्तेमाल किया गया है वह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए है जो सर्वोच्च पद पर है। इसके लिए उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी की तुलना नीरव मोदी से कर दी। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी हजारों करोड़ रुपये लूटकर चला गया, लेकिन देश में पीएम नरेंद्र मोदी अब नीरव मोदी बन गये हैं। इसके साथ ही अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव की ताकत ये है कि पीएम मोदी को आज संसद में आना पड़ा। हममें से किसी ने भी अविश्वास प्रस्ताव के बारे में नहीं सोचा था। हम बस यही चाहते हैं कि पीएम मोदी संसद में आएं और मणिपुर मुद्दे पर बोलें। हम किसी अन्य भाजपा सदस्य को नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को आमंत्रित करना चाहते थे।